Saturday, 04 July 2020, 6:03 AM

संपादकीय

"नेपाली संसद मे हिंदी का विरोध और नेपाली जनमानस का रोष" : ✍🏻 प्रवीण गुगनानी

Updated on 3 July, 2020, 19:11
"नेपाली संसद मे हिंदी का विरोध और नेपाली जनमानस का रोष" : ✍🏻 प्रवीण गुगनानी      नेपाली संसद मे हिंदी भाषा को प्रतिबंधित करने की चर्चा बल पकड़ रही है। नेपाल मे भारत, भारतीयता व हिंदी का विरोध कम्यूनिज़्म की देन है। कम्यूनिज़्म क्या है? तो इस प्रश्न के उत्तर मे... आगे पढ़े

"हमारी आस्तीन में हैं आयुर्वेद के दुश्मन..!" @...ज्वलंत_ ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 2 July, 2020, 10:10
"हमारी आस्तीन में हैं आयुर्वेद के दुश्मन..!" @...ज्वलंत_ ✍🏻 जयराम शुक्ल नालंदा के बारे में प्रायः सभी ने पढ़ा/सुना होगा लेकिन बख्तियार खिलजी को वही जानते होंगे जो देश की महानता और उसके असली दुश्मनों के बारे में जानना चाहते हैं।  नालंदा विश्वविद्यालय का अस्तित्व चौथी शताब्दी से ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी तक था। चीनी... आगे पढ़े

"- 'वो लोग' तो याद करेंगे नहीं चलो अपन ही नमन कर लें..!" ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 30 June, 2020, 15:10
"- 'वो लोग' तो याद करेंगे नहीं चलो अपन ही नमन कर लें..!" ✍🏻 जयराम शुक्ल       तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने अखबारों के पहले पन्ने पर इश्तहार न दिए होते तो अपन भी इस परम विद्वान राजपुरुष को भूले ही हुए थे। यह पीव्ही नरसिंह राव साहब की जन्मशताब्दी... आगे पढ़े

"यादों में आपातकाल : एक इंदिरा की जेल में नेता , गुंडे , गिरहकट एक भाव..!" ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 25 June, 2020, 10:47
"यादों में आपातकाल : एक - इंदिरा की जेल में नेता , गुंडे , गिरहकट एक भाव..!" ✍🏻 जयराम शुक्ल पंद्रह अगस्त, छब्बीस जनवरी यदि सरकारी आयोजन न होते तो पब्लिक इन्हें कब का भुला चुकी होती। लेकिन कुछ ऐसी तिथियां हैं जिन्हें राजनीति तब तक भूलने नहीं देगी जब तक कि इस... आगे पढ़े

आपातकाल की बड़ी भारी हथकड़ी और कोमल कलाई... ✍🏻 प्रवीण गुगनानी

Updated on 24 June, 2020, 15:22
आपातकाल की बड़ी भारी हथकड़ी और कोमल कलाई...  ✍🏻 प्रवीण गुगनानी  देश मे आपातकाल लगाए जाने वाले काले 25 जून पर प्रतिवर्ष कुछ न कुछ लिखना मेरा प्रिय शगल रहा है। किंतु, आज जो मैं आपातकाल लिख रहा हूं, वह संभवतः इमर्जेंसी के सर्वाधिक कारुणिक कथाओं मे से एक कथा होगी। जिस... आगे पढ़े

"वो 'फादर' जो कल 'पितर' बन जाएंगे..!" @साँच कहै ता... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 21 June, 2020, 22:47
यद्यपि यह लेख तीन साल पुराना 'पितृपक्ष' के समय का है ... पर आज सुबह से ही जिस तरह सोशल मीडिया में 'फादर प्रेम' फसफसाया उसे देखते हुए याद आ गया..! "वो 'फादर' जो कल 'पितर' बन जाएंगे..!" @साँच कहै ता... ✍🏻 जयराम शुक्ल चलिए इस किस्से की शुरूआत जिंदा पितरों(फादरों) का हालचाल जानने... आगे पढ़े

यहॉं आदमी का साया भी उसका साथ छोड़ देता है... आकर्षक सेल्फी पाइंट है रायसेन का कर्क रेखा स्थल

Updated on 21 June, 2020, 0:31
21 जून विशेष :-  यहॉं आदमी का साया भी उसका साथ छोड़ देता है... आकर्षक सेल्फी पाइंट है रायसेन का कर्क रेखा स्थल...  हम बचपन से यह कहावत सुनते चले आ रहे है कि कोई साथ हो न हो, आदमी का साया हमेशा उसके साथ रहता है।  लेकिन 21 जून को कर्क रेखा क्षेत्र... आगे पढ़े

"हम यमुना प्रसाद शास्त्री को क्यों याद करें..!" @पुण्यस्मरण... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 20 June, 2020, 10:57
"हम यमुना प्रसाद शास्त्री को क्यों याद करें..!" @पुण्यस्मरण... ✍🏻 जयराम शुक्ल हर साल 20 जून की तारीख मुझे एक महामानव का स्मरण दिलाती है। यह तारीख सरकारी कलेंडरों में नहीं मिलेगी। यह तो लाखों-लाख विंध्यवासियों के ह्रदय के पंचाग में दर्ज है। उस महामानव का नाम है यमुना प्रसाद शास्त्री। जो... आगे पढ़े

"ड्रैगन साँप का पुरखा उसकी चाल समझिए..!" @ज्वलंत... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 18 June, 2020, 14:06
"ड्रैगन साँप का पुरखा उसकी चाल समझिए..!"  @ज्वलंत... ✍🏻 जयराम शुक्ल विंध्य का एक और सपूत मातृभूमि की रक्षा करते हुए सीमा पर शहीद हो गया। रीवा जिले के फरेदा गाँव का दीपक सिंह उन 20 जाँबाजों में से एक हैं जिनकी शहादत हुई। चीन के इस ताजा विश्वासघात से समूचा देश... आगे पढ़े

"सच के शीर्षासन पर झूँठ का झंडा" ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 14 June, 2020, 19:57
"सच के शीर्षासन पर झूँठ का झंडा"  ✍🏻 जयराम शुक्ल "सोशलमीडिया को हमने सत्य को दूषित करने वाली फैक्ट्री में बदल दिया है, जहां धुँए की जगह झूंठ का गुबार निकलता है।" हमारे शहर में पुराने जमाने के खाँटी समाजवादी नेता हैं- दादा कौशल सिंह। खरी-खरी कहने में उनका कोई शानी नहीं। बात-बात... आगे पढ़े

"राहत पर भारी राजनीति" - 'हाय हुसैन, यह कौन बताए कि हम वहां क्यों न हुए..!' @साँच कहै ता... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 9 June, 2020, 11:11
"राहत पर भारी राजनीति" - 'हाय हुसैन, यह कौन बताए  कि हम वहां क्यों न हुए..!'  @साँच कहै ता... ✍🏻 जयराम शुक्ल दुनिया भले थम जाए, फिर भी सियासत और सहाफत जारी रहेगी। सियासत यानी कि नेतागिरी और सहाफत का मतलब पत्रकारिता। करोनाकाल चल रहा है, सियासत वाले, सहाफत वाले दोनों फुरसत में। सो... आगे पढ़े

"करोना काल और उसके बाद का मीडिया" @...ज्वलंत... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 8 June, 2020, 21:47
इस लेख को इसलिए भी पढ़ें ..................................... क्योंकि.. जहां जिन अखबारों में मेरे काँलम छपते हैं उन्होंने इसे छापने से मना कर दिया। वेबसाइटस के लिए यह मसालेदार खबर नहीं है..। सोशलमीडिया में भी इसे ज्यादा तवज्जो नहीं मिली।  क्योंकि.. यह लेख इस करोनाकाल में घुटते, नौकरी से निकाले जा रहे पत्रकारों के... आगे पढ़े

"हे भारत ! चिन्ता न करो, क़ोरोना से लड़ने को है अपना आयुर्वेद..." ✍🏻 राम महेश मिश्र

Updated on 7 June, 2020, 22:58
"हे भारत ! चिन्ता न करो, क़ोरोना से लड़ने को है अपना आयुर्वेद..."  ✍🏻 राम महेश मिश्र कोरोना...! कोरोना...!! कोरोना...!!! आज अपना भारत विश्व में सबसे अधिक कोरोना पीड़ित देशों में *पांचवें स्थान* पर आ गया। सब हाथ खड़े कर रहे हैं। सरकारें हरसंभव प्रयत्न कर रही हैं लेकिन डॉक्टर कहे जाने... आगे पढ़े

"साँच कहै ता मारन धावै झूठे जग पतियाना.." @कबीर जयंती... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 5 June, 2020, 13:00
"साँच कहै ता मारन धावै झूठे जग पतियाना.."  @कबीर जयंती... ✍🏻 जयराम शुक्ल कबीर कब पैदा हुए कब मरे, हिंदू की कोख से कि मुसलमान की, उन्हें दफनाया गया कि मुखाग्नि दी गई, इसका सही-सही लेखा जोखा किसी के पास नहीं। फिर भी उनकी जयंती ढलते जेठ की उमस भरी तपन के... आगे पढ़े

"क्रूरता की पराकाष्ठा" : ✍🏻 मोहन नागर

Updated on 4 June, 2020, 13:07
"क्रूरता की पराकाष्ठा" : ✍🏻 मोहन नागर विगत रात से सोशल मीडिया में एक हथिनी की हत्या के चित्र वायरल हो रहे है । केरल के मलापुरम में किसी ने एक गर्भिणी हथिनी को अनानास में फटाके भरकर खिला दिये । मनुष्य पर अटूट विश्वास करने वाले इस जीव ने उस... आगे पढ़े

'"भारतमाता ग्राम्यवासिनी"' ही आत्मनिर्भरता की जननी* ... ✍ जयराम शुक्ल

Updated on 4 June, 2020, 12:50
'"भारतमाता ग्राम्यवासिनी"' ही आत्मनिर्भरता की जननी* ... ✍ जयराम शुक्ल   कभी-कभी आपदाएं सबक लेकर आती हैं। कोविड-19 महामारी ने न सिर्फ़ हमारी जीवनदृष्टि को बदला है अपितु भविष्य के समावेशी और सर्वस्पर्शी विकास के नए माड़ल पर विचार करने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत का नारा इसी विपदा... आगे पढ़े

"अनुच्छेद 30 के विरोधी तो स्वयं गांधीजी भी थे" : ✍🏻 प्रवीण गुगनानी

Updated on 2 June, 2020, 19:30
"अनुच्छेद 30 के विरोधी तो स्वयं गांधीजी भी थे" : ✍🏻 प्रवीण गुगनानी  हाल ही मे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने संविधान के अनुच्छेद 30 के औचित्य पर प्रश्न उठाया है। इसके जवाब मे आलोचकों व विरोधियों ने अपनी प्रवृत्ति के अनूरूप ही  विजयवर्गीय पर राजनीति मे धर्म के... आगे पढ़े

"कोरोना काल में हमारे बच्चे..!" : ✍🏻 ध्रुव गुप्त

Updated on 1 June, 2020, 21:30
"कोरोना काल में हमारे बच्चे..!" : ✍🏻 ध्रुव गुप्त  अनलॉक - एक में कोरोना की बहुत तेज रफ़्तार के बावजूद कुछ कंटेन्मेंट जोन को छोड़कर लगभग सारा देश खुल चुका है। जो बची-खुची गतिविधियां हैं, वो भी इस महीने शुरू हो जाएंगी। सरकार के इस फैसले के पीछे की वजह समझी... आगे पढ़े

"बदला तो काफी कुछ है यदि देखना चाहें तो" @आँकलन... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 31 May, 2020, 13:25
"बदला तो काफी कुछ है यदि देखना चाहें तो" @आँकलन... ✍🏻 जयराम शुक्ल मोदी 2.0 के एक साल पूरा होने का जश्न करोना खा गया। कुलजमा छह सालों में यह छठवां साल धमाके का रहा। ऐसे काम हुए जो युगांतकारी हैं। कोई सोच भी नहीं सकता था कि कश्मीर का मसला यूँ... आगे पढ़े

"भैया विहीन होती मुंबई" : प्रवीण गुगनानी

Updated on 29 May, 2020, 22:50
"भैया विहीन होती मुंबई"  : प्रवीण गुगनानी  इस लेख में आप मुंबई को कोई एक शहर का नाम नही बल्कि सभी बड़े नगरों व प्रवासी मजदूरों को रखने वाले राज्यों का एक प्रतिनिधि नाम समझें। मुंबई शब्द को एक प्रवृत्ति माने जो इन दिनों मेहनतकश, गरीब और गांव छोड़कर शहर आये... आगे पढ़े

"भारत नेपाल पुनः समवेत – चीन हुआ अप्रासंगिक" : ✍🏻 प्रवीण गुगनानी

Updated on 29 May, 2020, 22:47
"भारत नेपाल पुनः समवेत – चीन हुआ अप्रासंगिक" : ✍🏻   प्रवीण गुगनानी  1962  से 1967 वाला  हठधर्मी चीन भारत के प्रति 1998 मे सुधरा था और इसे सुधारा था पूर्व  प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी जी ने, जो कि भारत चीन संबन्धो के सच्चे वास्तुकार कहे जाते हैं। वर्तमान मे भारत चीन सम्बंध... आगे पढ़े

"शब्द सँभारे बोलिए शब्द के हाथ न पाँव" @साँच कहै ता... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 29 May, 2020, 21:57
"शब्द सँभारे बोलिए शब्द के हाथ न पाँव" @साँच कहै ता... ✍🏻 जयराम शुक्ल फर्ज करिए कि एक ऐसी प्रयोगशाला बना ली जाए जो हवा में तैरते हुए शब्दों को पकड़कर एक कंटेनर में बंद कर दे, फिर भौतिकशास्त्रीय विधि से  उसका घनत्वीकरण कर ठोस पदार्थ में बदल दिया जाए तो उसका... आगे पढ़े

"जोगी जी जैसा जीवट आजतक नहीं देखा..!" @स्मृतिशेष... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 29 May, 2020, 21:55
"जोगी जी जैसा जीवट आजतक नहीं देखा..!" @स्मृतिशेष... ✍🏻 जयराम शुक्ल अजीत जोगी नहीं रहे..! वे विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। कुशाग्रता उनसे अर्थ पाती थी। उनसे मेरी कुलजमा दो-तीन मुलाकातें हुईं।  पहली बार तब जब वे दिग्विजय सिंह को मुख्यमंत्री पद से अपदस्थ करने का अभियान चला रहे थे तब भोपाल में।... आगे पढ़े

"सावरकर और उनकी हिंदुत्व थ्यौरी..." @जन्मजयंती... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 28 May, 2020, 11:14
"सावरकर और उनकी हिंदुत्व थ्यौरी..." @जन्मजयंती... ✍🏻 जयराम शुक्ल मातृभूमि! तेरे चरणों में पहले ही मैं अपना म.न अर्पित कर चुका हूँ। देश-सेवा ही ईश्वर-सेवा है, यह मानकर मैंने तेरी सेवा के माध्यम से भगवान की सेवा की।              *सावरकर आज स्वात्रत्य वीर सावरकर का जन्म दिवस है। सावरकरजी... आगे पढ़े

"करोना काल और उसके बाद का मीडिया" @ज्वलंत... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 23 May, 2020, 10:07
"करोना काल और उसके बाद का मीडिया" @ज्वलंत... ✍🏻 जयराम शुक्ल करोना के लाकडाउन ने जिंदगी को नया अनुभव दिया है, अच्छा भी बुरा भी। जो जहां जिस वृत्ति या कार्यक्षेत्र में है उसे कई सबक मिल रहे और काफी कुछ सीखने को भी। ये जो सबक और सीख है यही उत्तर... आगे पढ़े

"शरद जोशी जी को स्मरण करते हुए..! " @जन्मदिन... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 21 May, 2020, 18:51
शरद जोशी जी को स्मरण करते हुए! @जन्मदिन... ✍🏻 जयराम शुक्ल शरद जोशी ने कोई पैतीस साल पहले हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे व्यंग्य निबंध रचा था। तब यह व्यंग्य था, लोगों को गुदगुदाने वाला। भ्रष्टाचारियों के सीने में नश्तर की तरह चुभने वाला।  अब यह व्यंग्य, व्यंग्य नहीं रहा। यथार्थ के दस्तावेज... आगे पढ़े

"साँप से डरें नहीं,जहर की तिजारत करना सीख लें..!" @ साँच कहै ता... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 17 May, 2020, 14:41
"साँप से डरें नहीं,जहर की  तिजारत करना सीख लें..!" @साँच कहै ता... ✍🏻 जयराम शुक्ल डेल कारनेगी जीवन प्रबंधन के विश्वविख्यात गुरू माने जाते हैं। उनकी दो पुस्तकें- 'लोक व्यवहार' व 'चिंता छोड़ों सुख से जियो'..के नाम सबसे ज्यादा बिकने और पढ़ी जाने वाली पुस्तकों में है। इन पुस्तकों की विशेषता यह कि... आगे पढ़े

"दीपनिष्ठा’ को जगाओ अन्यथा मर जाओगे" ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 15 May, 2020, 10:28
"दीपनिष्ठा’ को जगाओ अन्यथा मर जाओगे"    ✍🏻 जयराम शुक्ल यह घड़ी बिल्कुल नहीं है शांति और संतोष की, ‘सूर्यनिष्ठा’ सम्पदा होगी गगन के कोष की। यह धरा का मामला है घोर काली रात है, कौन जिम्मेदार है यह सभी को ज्ञात है। रोशनी की खोज में किस सूर्य के घर जाओगे, ‘दीपनिष्ठा’ को जगाओ अन्यथा मर... आगे पढ़े

"जो बातें नहीं कह सके प्रधानमंत्री मोदी" @ संवाद... ✍🏻 जयराम शुक्ल

Updated on 15 May, 2020, 10:26
"जो बातें नहीं कह सके प्रधानमंत्री मोदी"   @संवाद... ✍🏻 जयराम शुक्ल यह घड़ी बिल्कुल नहीं है शांति और संतोष की, ‘सूर्यनिष्ठा’ सम्पदा होगी गगन के कोष की। यह धरा का मामला है घोर काली रात है, कौन जिम्मेदार है यह सभी को ज्ञात है। रोशनी की खोज में किस सूर्य के घर जाओगे, ‘दीपनिष्ठा’ को जगाओ... आगे पढ़े

ग्रामीण युवाओं को गाँव में काम दें, ग्राम्य रोज़गार विकसित करें, भारत निर्यातक देश बने : ✍🏻 राम...

Updated on 13 May, 2020, 18:57
ग्रामीण युवाओं को गाँव में काम दें, ग्राम्य रोज़गार विकसित करें, भारत निर्यातक देश बने : ✍🏻 राम महेश मिश्र कोरोना लॉकडाउन से उपजी स्थितियों और राष्ट्र को हस्तगत हुए अद्भुत अनुभवों के बाद हमारा देश भारत अपने गाँवों की ओर लौटे तथा ग्रामीण युवा शक्ति का पूरा नियोजन सुविचारित ढंग... आगे पढ़े

बैतूल


मूवी रिव्यू

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