(बैतूल) लांग टर्म और शार्ट टर्म लॉकडाउन के बाद भी बैतूल जिले में कोरोना पॉजिटिव आंकड़ा 250 पार,
- जिले में अब 4 नहीं  3 अगस्त तक ही है लॉकडाउन,
- शुक्रवार जिन सड़कों पर मची थी रेलमपेल, शनिवार को वहां गिनती के लोग ही नजर आए आते-जाते 
बैतूल ( हेडलाईन ) / नवल-वर्मा ।  प्रशासन ने त्यौहारी हलचल को देखकर चार दिन का लॉकडाउन घोषित किया था। जिसके पहले दिन शनिवार को शहर की सड़कों पर हल्की-फुल्की आवाजाही के अलावा कुछ खास नहीं था। इक्का-दुक्का वाहन चालक या पैदल लोग इधर से उधर जा रहे थे। हालांकि गली मोहल्लों में सामान्य जनजीवन ही था। इस बीच शाम होते तक यह खबर भी सामने आ गई कि 13 नए पॉजिटिव के साथ जिले में कोरोना का आंकड़ा 250 तक पहुंच गया है जो अब कहां तक जाएगा कोई कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। कुल मिलाकर लॉकडाउन के सहारे सामुदायिक फैलाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। 
- क्या व्यापारियों के दबाव में चार दिन का लॉकडाउन 3 दिन किया गया...
शुक्रवार शाम को सरकार की तरफ से यह आया कि कलेक्टर अपनी मर्जी से लॉकडाउन नहीं लगा सकते। वहीं शनिवार दोपहर में प्रशासन की ओर से यह सूचना आ गई है कि चार दिन का लॉकडाउन अब तीन दिन का कर दिया गया है। इन तीन दिनों में प्रशासन ने सभी तरह की आवाजाही पर रोक लगा रखी है। बताया गया कि व्यापारियों द्वारा आपदा प्रबंधन समिति के सामने बार-बार और लगातार लॉकडाउन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थी। उसके बाद चार दिन के लॉकडाउन को 3 दिन में तब्दील किया गया है।  इन व्यापारियों का कहना था कि इस लॉकडाउन की वजह से छोटे व्यापारियों का तगड़ा नुकसान होता है जिसकी भरपाई का कोई रास्ता नहीं है।
- सामुदायिक फैलाव रोकने के चक्कर में लग रहा हैं इस तरह का लॉकडाउन...
जो प्रशासनिक लोग हैं उनका मानना है कि कोरोना पैर पसार चुका है। इसके सामुदायिक फैलाव रोकने के लिए इस तरह के त्यौहार या बाजार वाले दिन या अवकाश वाले दिन लॉकडाउन करने का फार्मूला बनाया गया है जिससे कि लोग भारी संख्या में बाहर न आए और एक दूसरे के संपर्क में न आए। यह चार दिन का लॉकडाउन भी इसलिए रखा गया था कि दो बड़े त्यौहार सामने थे। जिसमें लोगों की एक दूसरे के घर आवाजाही होने का भरपूर मौका था और ऐसे में संक्रमण के सामुदायिक फैलाव का खतरा बढ़ जाता, इसलिए सरकार और प्रशासन ने इस तरह के लॉकडाउन को फालो किया। जिसकी वजह से ईद के दिन भी कहीं पर कोई जमघट नज़र नहीं आया ।

- बाहरी संपर्क ही बैतूल में कोरोना का रायता फैलने का बड़ा कारण...
बैतूल जिले में जो कोरोना का रायता फैला वह बाहरी आवाजाही की वजह से हुआ है। अभी भी यदि केस स्टडी की जाए तो 80 फीसदी लोग ऐसे हैं जो किसी अन्य शहर से जिले में पॉजिटिव संक्रमण लेकर आए है। शुरूआत से ही प्रशासन ने बाहर से आने वाले आवाजाही को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई और उसी का नतीजा यह है कि अब कोरोना जिले के हर कोने तक अपने पैर पसार चुका है। अनलॉक के दौरान तो हालत यह रही कि कौन कहां से आ रहा है जा रहा है किससे मिलकर आ रहा है किस स्थिति में है। इसकी भी कोई ट्रेसिंग नहीं थी न ही कोई स्क्रीनिंग हो रही थी। नतीजा सामने आया है कि रायता अच्छी तरह से फैल चुका है।

- लॉकडाउन के बाद भी इस तरह हम आ गये ढाई सौ पर...
 जिले में शनिवार को 13 नए मरीजों के साथ आंकड़ा ढाई सौ पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार अभी भी कोरोना वायरस के करीब 246 सेम्पल की रिपोर्ट आना बाकी है। यदि एक्टिव केस देखे जाए तो अभी 67 पॉजिटिव केस हैं। जिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीन लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। जिले में पहला मरीज भैंसदेही में मिला था इसके बाद शाहपुर के तारा से मरीजों के लॉट मिलना शुरू हुए और वह सिलसिला रूका नहीं लगातार बढ़ते गया। नतीजा यह है कि ढाई सौ तक पहुंच गया है। आईसीएमआर के अनुसार यह अभी और आगे जाएगा।
नवल-वर्मा-हेडलाईन -बैतूल 02 अगस्त 2020