(बैतूल) एक बार फिर विधानसभा प्रश्र से घेराबंदी में बच गई उपसंचालक उद्यानिकी,

- आशा उपवंशी क्या कार्रवाई हुई : विधायक निलय डागा

- जानकारी संकलित की जा रही है : गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा
बैतूल (हेडलाईन)/नवल-वर्मा । वर्तमान विधानसभा सत्र में एक बार फिर विधायक निलय डागा ने उद्यानिकी विभाग की पोल खोलने और वहां के जिम्मेदार अधिकारी को कार्रवाई के दायरे में लाने के लिए विधानसभा प्रश्र लगाया, लेकिन भाजपा सरकार में भी निलय डागा के प्रश्र पर गृह मंत्री ने एक लाईन में जवाब दे दिया कि जानकारी एकत्रित की जा रही है। विधायक डागा ने कांट्रेक्ट फार्मिंग में धोखा खाए किसानों के आवेदन पर कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। 

- पूर्व में भी जानकारी एकत्र का रिकार्ड रहा...
1 - आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने कांग्रेस सरकार के समय आम को लेकर विधानसभा प्रश्र लगाया था जिसमें कहा गया था कि जानकारी एकत्र की जा रही है।
2 - विधायक निलय डागा ने मुनगा उत्पादन और काजू प्रोजेक्ट को लेकर विधानसभा प्रश्र लगाया था। तब कांग्रेस के सरकार के कृषि मंत्री सचिन यादव ने भी एक लाईन में जानकारी एकत्र किए जाने का ही जवाब दिया था।

- सरकार भाजपा की हो या कांग्रेस की  पर दबदबा है कायम...             
 उपसंचालक उद्यानिकी वर्ष 2018-19 में बैतूल जिले में प्रभारी बनकर आई।  उस समय भाजपा की सरकार थी कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन थे। इसके बाद कांग्रेस की सरकार आई कृषि मंत्री सचिन यादव थे। इस दौरान एक बार जबलपुर तबादला हुआ, लेकिन एक हफ्ते के अंदर निरस्त हो गया। इन्हें हटाने के तमाम प्रयास विफल हुए।

- उद्यानिकी विभाग की गड़बडिय़ों पर मुखर हैं विधायक...
 विधायक निलय डागा ने कांग्रेस की सरकार के समय से ही उद्यानिकी विभाग के विभिन्न प्रोजेक्ट का पोल खोल अभियान शुरू कर दिया था। उन्होंने जिला पंचायत में जल उपभोक्ता संथा की बैठक में उद्यानिकी अधिकारी की तोताफरी आम को लेकर खिंचाई भी की थी, वहीं जब उद्यानिकी अधिकारी का जबलपुर तबादला हुआ था उसका कारण भी विधायक को माना गया था, लेकिन एक सप्ताह में ही तबादला निरस्त हो गया।

- यह था विधानसभा प्रश्र...
1 - क्या बैतूल जिले के किसानों द्वारा जिले के विभिन्न थानों में प्रभारी उपसंचालक उद्यानिकी बैतूल डॉ आशा उपवंशी पर धोखाधड़ी किए जाने में अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए आवेदन दिए गए है ? यदि हां तो यह आवेदन किस-किस दिनांक को किन-किन थानों में दिए गए। थानों के नाम सहित बताएँ?
2 - किसानों द्वारा दिए गए आवेदनों को आधार बनाकर संबंधित के विरूद्ध प्राथमिक दर्ज की गई तो एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराएं यदि नहीं तो कारण बताए?
3 - किसानों के आवेदनों/दर्ज की गई एफआईआर पर क्या कार्रवाई की गई?

- यह है कांट्रेक्ट फार्मिंग में धोखाधड़ी का पूरा मामला...
 बैतूल जिले में मुनगा पत्ती के उत्पादन को लेकर उद्यानिकी विभाग ने दिल्ली बेस्ड एक कंपनी के साथ जिले के किसानों का कांट्रेक्ट करवाया थ। इस कांट्रेक्ट में कंपनी को किसानों को मुनगा के पौधे उपलब्ध कराना था। फिर कंपनी मुनगा पत्ती खरीदी का काम करती है। इस प्रपोजल में उद्यानिकी विभाग के माध्यम से सारी चीजें तय हुई थी जिसमें किसानों से कंपनी ने प्रति एकड़ 20-20 हजार रूपये लिए थे। कंपनी ने न पौधे उपलब्ध कराए और ना ही किसानों की राशि वापस की।
नवल-वर्मा-हेडलाईन-बैतूल  07 मार्च 2021