(बैतूल) रोजगार सहायक इतने ताकतवर हैं कि सरकारी मास्टर को भी बना सकते है मनरेगा का मजदूर!

- घोड़ाडोंगरी जनपद की पंचायतों में अजब - गजब ही चल रहा काम

बैतूल(ईएमएस)/नवल-वर्मा । मनरेगा में गड़बड़ घोटालों का तो कोई ठिकाना ही नहीं है। जबसे मनरेगा लागू हुआ तब से लेकर अब तक तरह-तरह के घोटाले सामने आते रहे हैं।  एक तरह से मनरेगा को भ्रष्टाचार की जननी भी कहा जा सकता है। मनरेगा में मैदानी अमला जो न करे वह थोड़ा है। इसका एक बड़ा उदाहरण यह है कि अब मनरेगा में सरकारी सेवकों को भी मजदूर बना दिया गया और भुगतान भी हो रहा है। यह बात ऐसे ही नहीं कही जा रही। इसके पीछे वे शिकायतें हैँ जो पंचायतों से निकलकर जनपद और जिला पंचायत तक पहुंचती है। ताजा तरीन मामला बांसपुर पंचायत का है यहां पर रोजगार सहायक राजेश भोरसे ने संविदा शिक्षाकर्मी वर्ग-3 को मनरेेगा में न केवल मजदूरी उपलब्ध कराई, बल्कि उसे भुगतान भी किया है।  मामला स्पष्ट  होने के बावजूद भी जनपद सीईओ ने उक्त रोजगार सहायक के खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई ही नहीं की।

मामला -01
 - बांसपुर पंचायत में सीसी रोड निर्माण में संविदा शिक्षक वर्ग-3 उमेश को 12 दिन की मजदूरी का भुगतान...
ग्राम पंचायत बांसपुर के रोजगार सहायक राजेश भोरसे ने सीसी रोड निर्माण में संविदा शिक्षाकर्मी वर्ग-3 उमेश को 12 दिन की मजदूरी का 2112 रूपये का भुगतान कर दिया। रोजगार सहायक ने 7 सितंबर 2020 को जनपद घोड़ाडोंगरी में रसीद क्रमांक 17 के दौरान 2112 रूपये जमा भी करा दिए। इससे यह सिद्ध हो गया कि उक्त कृत्य किया गया था। मामले में उक्त रोजगार सहायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई? ऐसी स्थिति में अब जिला पंचायत ने आपत्ति लेते हुए जनपद सीईओ को अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

मामला- 02-  
रातामाटी पंचायत में रोजगार सहायक ने अपने शिक्षक जीजा को मजदूर बनाकर उपलब्ध कराया मनरेगा में रोजगार...
अभी कुछ दिनों पहले घोड़ाडोंगरी जनपद की ही रातामाटी पंचायत के सालीढाना निवासी मद्रासी नागवंशी ने रोजगार सहायक प्रकाश भोरसे की शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि उसने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपने जीजा के नाम से ही जॉब कार्ड जनरेट किया और मजदूरी भरकर पैसा निकाल लिया। मजदूरी भी दो चार दिन की नहीं पूरे 100 दिन की उपलब्ध कराई है जबकि उसका जीजा शिक्षक है। इसके साथ ही उसका आरोप था कि इस पावरफुल रोजगार सहायक ने उसकी बेटी का नाम समग्र आईडी से हटाने के लिए उसे मृत घोषित करा दिया। उसकी शिकायत पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई?

- दानिश खान की पंचायतों की कहानियां ही गजब है...                     
घोड़ाडोंगरी के साथ-साथ आमला जनपद संभाल रहे सीईओ दानिश खान का तबादला हो चुका है लेकिन वे अभी भी डटे हुए है। उनके प्रभार वाली जनपद की पंचायतों की कहानियां भी गजब है। जो ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से सुनी जा सकती है। इसमें से एक कहानी यह है कि ग्राम पंचायत आमडोह में भाग्यधर पिता अधीर ने 10 मई 2021 को थाने में दर्ज कराई थी कि उसका कपिलधारा कूप चोरी हो गया!
नवल-वर्मा-हेडलाईन-बैतूल 17 अक्टूबर 2021