(बैतूल) 14 दिन की खरीदी के बाद तय होगा भावांतर में मॉडल रेट, इसलिए किसानों की रूचि नहीं , - भावांतर की खरीदी शुरू, पहले दिन 7 किसानों ने बेची अपनी उपज
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा । सरकार के तमाम दावे और प्रचार प्रसार के बाद भी जिले में कृषि विभाग के अनुसार 8 हजार 237 किसानों ने भावांतर के लिए अपना पंजीयन कराया है? इस हिसाब से लगभग-लगभग 20 हेक्टेयर के किसानों ने भावांतर में रूचि दिखाई। जबकि बैतूल जिले में कृषि विभाग के अनुसार ही इस खरीफ सीजन में 93 हजार 200 हेक्टेयर का सोयाबीन का रकबा था? इसके बावजूद इतने कम रकबे में भावांतर के लिए पंजीयन होना यह दिखाता है कि किसानों की संभवत: भावांतर में रूचि नहीं है। भावांतर में मॉडल रेट सिस्टम किसानों को समझ नहीं आ रहा है। इसमें 1 से 14 दिन की खरीदी के रेट के आधार पर मॉडल रेट निकाला जाता है। वहीं दूसरी ओर एक बड़ा कारण यह भी सामने आ रहा है कि बैतूल जिले में बारिश की वजह से बड़े क्षेत्र में सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान हुआ है। हालत यह है कि एक एकड़ में 1 क्विंटल में सोयाबीन की पैदावार नहीं हो रही है। यह भी एक बड़ा कारण हो सकता है किसान पंजीयन कराने सेंटर तक ही नहीं गए। कृषि विभाग ने बताया कि पिछले वर्ष जब भावांतर नहीं था और समर्थन मूल्य पर खरीदी हो रही थी तब मात्र 3 हजार 356 किसानों ने ही पंजीयन कराया था। जबकि पिछली बार तो रकबा 1 लाख 98 हजार का था। उसे देखते हुए इस बार भावांतर में पंजीयन हुआ संतोषजनक माना जाएगा। कृषि विभाग का कहना है कि सरकार ने सोयाबीन में 5328 रूपए का समर्थन मूल्य घोषित किया है। ऐसी स्थिति में मॉडल रेट के आधार पर भुगतान होगा। इधर किसान नेताओं का कहना है कि भावांतर को लेकर जितने दावे किए जा रहे है वह सच नहीं है। उनका कहना है कि जिले में सोयाबीन की फसल 60 फीसदी बर्बाद है और किसानों को तगड़ा नुकसान है पहले सरकार क्षतिपूर्ति प्रदान करें।
- भावांतर में पंजीकृत 7 किसान ही पहले दिन उपज बेचने पहुंचे...
पहले दिन योजना के तहत सिर्फ सात किसान ही सोयाबीन लेकर मंडियों तक पहुंचे, जिनमें बैतूल मंडी में चार और भैंसदेही में तीन किसान शामिल रहे। इन किसानों ने भावांतर योजना दर पर सोयाबीन बेचकर खरीदी की औपचारिक शुरुआत की। वहीं बाकी तीन मंडियों में मुल्ताई, आमला, शाहपुर में किसान बिकवाली करने आए ही नहीं। जिले में कुल 8,068 किसानों ने भावांतर योजना में पंजीयन कराया है। जिले में करीब 93 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई हुई थी, लेकिन इनमें से केवल 19,201 हेक्टेयर क्षेत्र का ही पंजीयन हो सका है। वहीं, जिले में करीब 12 हजार किसानों की फसल बारिश और कीटों से खराब हुई है। प्रशासन ने खरीदी व्यवस्था सुचारू करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अगले कुछ दिनों में सभी मंडियों में खरीदी केंद्र सक्रिय होने की उम्मीद है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 25 अक्टूबर 2025


राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (16 मार्च 2026)
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित हुईं निशि श्रीवास
गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छोटी बचत से बड़ा कदम, महतारी वंदन योजना से शुरू हुआ अपना व्यवसाय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 16 मार्च को अभिमुखीकरण कार्यक्रम में होंगे शामिल