बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा।  हर जिले में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया जाना और इसको लेकर योजना एवं सांख्यिकी विभाग से अवर सचिव संघमित्र बौद्ध ने 24 जून को आदेश जारी किया था। कलेक्टर बैतूल ने इस आदेश के तहत समिति गठन के आदेश भी कर दिए थे, इस समिति में प्रभारी मंत्री बतौर उपाध्यक्ष रहेंगे वहीं इनके अलावा कलेक्टर सदस्य सचिव की भूमिका अदा करेंगे। यह जिला योजना समिति का ही नया फार्मूला है। इस समिति में सांसद, जिले के सभी विधायक, जिला मुख्यालय के नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष को सदस्य माना गया है। इनके अलावा उद्योग व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाजसेवा, चिकित्सा विधि आदि सेक्टर से 20 जनप्रतिनिधियों का भी चयन किया जाना है।
 यह चयन जिले के प्रभारी मंत्री के माध्यम से होना है, लेकिन 5 माह गुजर जाने के बाद भी यह समिति गठित नहीं हो पाई है। समिति गठित नहीं हो पाई या विशेषज्ञ सलाहकार सदस्यों का चयन नहीं हो पाया इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या कलेक्टर जैसे अधिकारी या फिर सत्तापक्ष के प्रभावशाली जनप्रतिनिधि? जो भी हो लेकिन पांच माह में समिति का गठन ना होना यह बताता है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति को भी  प्रशासनिक और राजनैतिक सिस्टम में कितनी लापरवाही के साथ लिया जा रहा है। 
- साल में एक बैठक का होना अनिवार्य...
इस समिति का संचालन योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा किया जाएगा। बैठक ऑनलाईन और ऑफलाईन मोड में की जाएगी और वर्ष में एक बैठक होना जरूरी है। वहीं प्रत्येक समिति के निर्णयों का रिकार्ड संधारण होगा। अनुपालन एवं समन्वय का कार्य जिला कलेक्टर करेंगे।
- यह समिति यह करेगी काम...
1 - जिले की जनता जनप्रतिनिधियों व हितग्राहियों की जरूरतों और सुझावों के अनुरूप जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएं बनाना? 
2 - वोकल फॉर लोकल के सिद्धांत के अनुसार परम्परांगत कौशल को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना?
3 - शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू और विचार करना?
4 - जिले में स्थानीय प्रयास से प्रचलित नवाचारों को योजनाओं का मूर्त रूप देना?
5 - जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य के अनुरूप सुझाव देना?
6 - उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात खेतीआदि में जिले की कार्ययोजना प्रस्तुत करना?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 13 नवंबर 2025