(बैतूल) एक दिन में तो नहीं लेकिन हमारा सदप्रयास एक दिन अवश्य सफल होगा : अनिल यादव
बैतूल। बैतूल नगर में माचना नदी पूर्णतः जलकुंभी की चपेट में आ गई है जहाँ उसने अपना एक विकराल रूप लेकर रखा हुआ है। यह जलकुंभी पानी की सतह पर है और यह पानी को दलदल बना रही है पानी को सुखा रही है उसे खत्म कर रही है । जिसे हटाने के लिए लाडो फाउंडेशन के संस्थापक अनिल यादव के द्वारा एक छोटा सा प्रयास किया गया। उक्ताशय में अनिल यादव ने बताया कि यह जलकुम्भी नदी के पानी की उपरी सतह पर है और यह आसानी से निकल जा रही है। लेकिन यह इतनी ज्यादा फैली हुई है कि जैसे ही हम जिस जलकुंभी को निकालते हैं तो वह उसी जगह में फिर से वापस आ जाती है जिसके लिए कोई उचित उपाय हमें ही करना होगा। हमें सभी को मिलकर एकजुटता से इस जलकुंभी को नाचना नदी से मुक्त करना एक बड़ी चुनौती होगा। अनिल यादव का मानना है कि एक दिन में तो नहीं लेकिन हमारा यह सदप्रयास एक दिन अवश्य सफल होगा।


विश्व मलेरिया दिवस पर विशेष
इसरो की सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे से बड़ा खुलासा
(बैतूल) पीआईयू का घटिया निर्माण किसी दिन जिला अस्पताल में जानलेवा होगा साबित , - - 20 करोड़ की बिल्डिंग जिस तरह से दरक रही है उसमें जांच और कार्रवाई जरूरी
प्रदेश में सहकार से हो रहा है डेयरी गतिविधियों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव