(बैतूल) गर्भवती माताएं सत्संग से जुड़ें, संस्कारवान पीढ़ी का यही आधार , - मोबाइल से नहीं संस्कारों से श्रेष्ठ बनेंगे बच्चे : भागवताचार्य पुष्कर परसाई
- ध्रुव, मीरा और अभिमन्यु के प्रसंगों से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु ,
- कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी और जयकारों से गूंजा मंदिर प्रांगण,
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा । विश्वकर्मा मंदिर गंज में आयोजित भागवत कथा में चतुर्थ दिवस भागवताचार्य पुष्कर परसाई जी ने भगवान की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भक्त भगवान को जिस रूप में पुकारता है, भगवान उसी रूप में अपने भक्त के सामने प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान तर्क का नहीं, विश्वास और समर्पण का विषय हैं। यदि विश्वास है तो भगवान कण-कण में विद्यमान हैं और यदि विश्वास नहीं है तो मनुष्य किंतु-परंतु में ही उलझा रहता है। कथा के दौरान जहां ले चलोगे वहीं मैं चलूंगा, ये जीवन प्रभु तुम्हारे चरणों में समर्पित” जैसे मनमोहक भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे।
भागवताचार्य ने कहा कि तीर्थ यात्रा का फल भी तभी प्राप्त होता है जब मन में श्रद्धा और विश्वास हो, अन्यथा व्यक्ति केवल घूमकर लौट आता है। उन्होंने कहा कि भगवान की प्राप्ति का सबसे बड़ा माध्यम विश्वास है और सच्चे भक्त ही भगवान से मिलाने का कार्य करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जो सबसे प्रिय हो उसे भगवान को समर्पित करें, क्योंकि प्रेम वही है जिसमें प्रियजन के सुख में ही अपनी खुशी दिखाई दे।
- भक्ति में अहंकार नहीं, धन्यवाद का भाव जरूरी...
कथा में उन्होंने कहा कि यदि भक्ति से प्रसिद्धि मिल रही है तो उसे अपना पुरुषार्थ मानकर अहंकार नहीं करना चाहिए, भगवान का धन्यवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां आने पर भगवान को दोष देने के बजाय उनका धन्यवाद करना चाहिए। धन्यवाद का भाव रखने से जीवन में विपत्तियां भी सहज हो जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बुरी बातें आग की तरह तेजी से फैलती हैं, जबकि अच्छी बातें शहद की तरह धीरे-धीरे समाज में अपना प्रभाव छोड़ती हैं।
- गर्भवती माताओं को दिए संस्कारों के संदेश...
भागवताचार्य पुष्कर परसाई जी ने गर्भवती माताओं को सत्संग और धार्मिक वातावरण से जुड़ने की सीख देते हुए कहा कि आज की माताएं मोबाइल में अधिक व्यस्त रहती हैं, जिसका प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने अभिमन्यु का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जैसा आचरण और वातावरण माता अपनाती है, वैसा ही प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को अधिक से अधिक सत्संग, संस्कार और धार्मिक गतिविधियों में समय देना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी संस्कारवान बने।
- बचपन से भक्ति और संस्कार जरूरी...
कथा में उन्होंने कहा कि भक्ति बचपन का विषय है, पचपन का नहीं। इसलिए बच्चों को प्रारंभ से ही धर्म और सत्संग से जोड़ना चाहिए। उन्होंने मीरा बाई का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि सच्ची भक्ति व्यक्ति को भगवान में विलीन कर देती है। उन्होंने कहा कि जो माता-पिता बुढ़ापे में अपने बच्चों से सेवा की अपेक्षा रखते हैं, उन्हें बचपन से ही धर्म, संस्कार और सत्संग का वातावरण देना चाहिए। उन्होंने महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, भक्त प्रह्लाद और भगत सिंह जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि मां अपने पुत्र को जैसा चाहे वैसा बना सकती है।

- ध्रुव चरित्र और नारायण नाम की महिमा...
भागवताचार्य ने ध्रुव चरित्र का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने ध्रुव को दर्शन दिए और 36 हजार वर्षों तक राज्य करने का आशीर्वाद प्रदान किया। आज ध्रुव आकाश में ध्रुव तारे के रूप में विराजमान हैं। कथा में प्रियव्रत के वंश का भी वर्णन किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि नारायण नाम अत्यंत प्रभावशाली है और भगवान की भक्ति ही नरक से बचने का सबसे सरल उपाय है।
- युवाओं और परिवारों को दिया संदेश
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं में जोश तो बहुत है, लेकिन जोश के साथ होश भी जरूरी है। वृद्धों का सम्मान और परिवार में धर्म की शिक्षा जीवन को सही दिशा देती है। उन्होंने कहा कि यह मानव देह भगवान का भजन और तपस्या करने के लिए मिली है। जब मन और शरीर की शुद्धि होगी, तभी ब्रह्म की प्राप्ति संभव होगी। गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान ने स्वयं कहा है कि उनका भक्त कभी भटक नहीं सकता।
- कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी ने मोहा मन
कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा मंदिर प्रांगण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ भक्ति का उत्सव मनाया।
कार्यक्रम के अंत में आज की प्रसादी विष्णुकांत, आर. डी. विश्वकर्मा, गणेश मालवीय सोहागपुर एवं साहिल राठौर बैतूल टास्क द्वारा श्रद्धालुओं को वितरित की गई।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 29 मई 2026


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