बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सरकारी सोसायटी से खाद उठाने वाले किसानों का कहना है कि इस खरीफ सीजन में किसानों को डीएपी की जगह एनपीके दिया जा रहा है, जहां डीएपी की एक बोरी खरीफ सीजन के पहले 1350 रूपए में आती थी, वहीं एनपीके की बोरी 1950 रूपए में आती थी, लेकिन वर्तमान में एनपीके की बोरियों में 500 रूपए में बढ़ोत्तरी हुई है और यह बोरी अब 2450 रूपए में आ रही है।
 किसानों ने बताया कि ई-टोकन सिस्टम की वजह से वैसे ही खाद प्राप्त करना किसानों के लिए आसान नहीं है और उसमें खाद महंगी होना लागत को बढ़ाता है। किसानों ने बताया कि एक एकड़ पर एक बोरी डीएपी और 2 बोरी यूरिया दिया जाता है। यदि किसी किसान के पास 20 एकड़ जमीन है तो उसे 20 बोरी डीएपी लगेगा। जिसकी कीमत लगभग 27 हजार होती है। वहीं वह डीएपी की जगह एनपीके डाल रहा है तो उसे 20 बोरी एनपीके जिसकी कीमत 1950 रूपए के हिसाब से लगाए तो 39 हजार होगी।
 यदि अब 2450 से 20 बोरी का हिसाब करते है तो यह कीमत 49 हजार रूपए होगी। इस तरह डीएपी की जगह एनपीके डालने से किसान को 22 हजार रूपए अतिरिक्त लग रहे है। खरीफ सीजन की शुरूआत से ही यह समझ आ गया था कि किसानों को इस बार डीएपी नहीं मिलेगा। वजह खाड़ी युद्ध बताया जा रहा है। वहीं इसकी जगह जो एनपीके दिया जा रहा है उसे हासिल करने में भी किसानों को खासा पसीना बहाना पड़ रहा है। जिले में लगभग 70 फीसदी बोवनी हो चुकी है। किसानों का कहना है कि पहले यह था कि ब्लेक में खाद मिल जाता था, लेकिन इस बार ई-टोकन सिस्टम की वजह से अधिक कीमत देने पर भी खाद नहीं मिल रहा है और हैरान परेशान हो रहे है इधर ई-टोकन सिस्टम अभी भी दुरूस्त नहीं हुआ है। इसमें कई तरह की खामियां है, जिससे किसान खाद के लिए परेशान है। 

- 29 जून की स्थिति में उपलब्धता...                       
जिले में प्रायवेट और सरकारी मिलाकर एनपीके लगभग 5100 मीट्रिक टन, यूरिया 16 हजार मीट्रिक टन, एसएसपी करीब 1700 मीट्रिक टन, एमओपी 1300 मीट्रिक टन उपलब्ध बताया जा रहा है। 

- 5 रैक पाईप लाईन में बता रहे...                           
कृषि विभाग का कहना है कि खाद की की कमी नहीं है और 5 रैक खाद पाईप लाईन में है जो जल्द आएगी, किसानों को हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 04 जुलाई 2026