बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिले में मध्यान्ह भोजन की स्थिति की सही पड़ताल के लिए कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोणवने हर ब्लॉक में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लेकर सोशल ऑडिट करवा रहे है, इस सोशल ऑडिट में हर ब्लॉक की 7-7 शालाओं को शामिल किया गया है। सोशल ऑडिट से यह सामने आएगा कि मध्यान्ह भोजन जिले में कैसे संचालित हो रहा है और इसका  कितना लाभ छात्रों को मिल रहा है। सोशल ऑडिट होन के बाद कलेक्टर जनसुनवाई का आयोजन करेंगे और इसमें सोशल ऑडिट में सामने आए मुद्दे, खामियों और गड़बडिय़ों को लेकर चर्चा करने के बाद निराकरण करने के आदेश देंगे। सोशल ऑडिट के दौरान ऑडिट करने वाले वीसीए आमजनों की जनसभा लेकर एमडीएम से जुड़े प्रत्येक नियम और प्रक्रिया की जानकारी भी दे रहे है। ऑडिट के दौरान सभा अध्यक्षों ने एमडीएम के संचालन को लेकर अपना पक्ष भी रखा है। बताया गया कि इतने बड़े पैमाने पर पहली बार एमडीएम में सोशल ऑडिट करवाया जा रहा है। 

- बैतूल और पट्टन में सामने आई थी कई तरह की गड़़बडि़य़ां...
सबसे पहले बैतूल ब्लॉक में एमडीएम का ऑडिट हुआ था फिर पट्टन ब्लॉक में भी एमडीएम का सोशल ऑडिट कराया गया था। इन दोनों ऑडिट में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लेकर कई तरह की खामियां और गड़बडिय़ां सामने आई थी। इसको लेकर जनसुनवाई भी हुई थी।
1 - स्कूल में एमडीएम को लेकर संधारित रिकार्ड देखा जा रहा है। 
2 - एमडीएम के लिए उपलब्ध बर्तन, भंडार कक्ष देखा जा रहा है।
3 - स्कूल में मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित है या नहीं और उसके अनुसार भोजन बन रहा है या नहीं। 
4 - एमडीएम में नियम अनुसार पीटीए को भोजन चखाकर उसका सेम्पल रखा जा रहा है या नहीं। 
5 - स्कूल में पेयजल व्यवस्था क्या है और एमडीएम के लिए छात्रों को दिए जाने वाले बर्तन है या नहीं।
6 - भोजन बनाने वाले समूह या रसोईया, भोजन शाला की स्वच्छता, ईधन आदि भी देखा जा रहा।

- मध्यान्ह भोजन को लेकर हमेशा आती है गड़बड़ी की शिकायतें...
देखने में आता है कि सीएम हेल्पलाईन से लेकर जनसुनवाई तक मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती है। वैसे सामान्य तौर पर भोजन गुणवत्ता और मेन्यू के अनुसार भोजन ना दिया जाना प्रमुख रूप से देखने में आता है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 15 जुलाई 2026