जनसरोकार और तथ्य पर आधारित पत्रकारिता का लक्ष्य हमेशा हमारी ताकत रहा है... ✍️ नवल वर्मा
जनसरोकार और तथ्य पर आधारित पत्रकारिता का लक्ष्य हमेशा हमारी ताकत रहा है... ✍️ नवल वर्मा
राष्ट्रीय दिव्य दुनिया का 12 वर्ष का सफर संघर्ष और पाठकों के सहयोग से आगे बढ़ रहा है। सीमित संसाधन के मध्य भी जनसरोकार हमारा लक्ष्य है। सत्य तथ्यों के साथ पत्रकारिता करने की वजह से ही हम अपनी विश्वसनीयता लगातार बढ़ा रहे है और इसका श्रेय हमारे पाठकों का जाता है। जो जानते है कि राष्ट्रीय दिव्य दुनिया में यदि खबर छपी है तो अक्षरश: सत्य होगी। उस खबर को कोई भी किसी भी स्थिति में चुनौती नहीं दे सकता। आक्रामकता के साथ जनता के मुद्दों को उठाना और उन मुद्दों को तब तक उठाना कि जब तक उनका समाधान सामने नहीं आता। पिछले 12 वर्ष में ऐसे कई उदाहरण है, जिसमें राष्ट्रीय दिव्य दुनिया ने आम जनता की लड़ाई को आगे आकर लड़ा और उसमें जनता की जीत भी सुनिश्चित की। हमारे विज्ञापन दाताओं ने भी इन 12 वर्षो में हमें ताकत दी कि हम ईमानदारी की पत्रकारिता करें। यही वजह है कि सीमित संसाधन होने के बावजूद भी राष्ट्रीय दिव्य दुनिया 12 वर्षाे से अनवरत प्रकाशित होते आ रहा है। कोरोना काल में भी राष्ट्रीय दिव्य दुनिया ने अपने पाठकों तक सटीक और लोक उपयोगी सूचनाएं पहुंचाने और वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराने में अपनी पूरी ताकत लगाई। राष्ट्रीय दिव्य दुनिया ने कोरोना काल जैसी विपत्ति में रेमडेशिविर जैसे इंजेक्शन सहित अन्य उपचार संबंधी कालाबाजारी को लेकर आवाज उठाई और ब्लेक मार्केटिंग करने वालों को एक्सपोज करने काम भी किया। राष्ट्रीय दिव्य दुनिया की अवैध कालोनी को लेकर चलाई गई मुुहिम का ही आज असर है कि प्रशासन पर इस बात का दबाव है कि वह अवैध कालोनाईजरों को लेकर निरंतर कार्रवाई की जा रही है । इसी तरह और भी कई मुद्दों को ना केवल उठाया, बल्कि उन्हें अंजाम तक भी लेकर गए। राष्ट्रीय दिव्य दुनिया आम पाठकों और नागरिकों का अखबार है और इसलिए आम नागरिक अपनी समस्याएं इस उम्मीद राष्ट्रीय दिव्य दुनिया से सांझा करते है कि उन्हें प्रमुखता से उठाया जाएगा। राष्ट्रीय दिव्य दुनिया उनके इस भरोसे को कभी नहीं तोड़ता। उम्मीद है कि आपका और हमारा यह सफर और यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा और मैं इस बात का वचन देता हूं कि जन सरोकार और जनहितैषी मुद्दों पर आम लोगों के साथ राष्ट्रीय दिव्य दुनिया पूरी ताकत के साथ खड़ा रहेेगा।


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