(बैतूल) पार्षद का चुनाव भी विधानसभा चुनाव की तरह खर्चीला और टक्कर का रहा , - कांग्रेसियों की एकजुटता देख गांधी वार्ड में हेमंत खण्डेलवाल ने कमान अपने हाथ में लेकर रिकार्ड मतों से जीत सुनिश्चित की
बैतूल(हेडलाईन)/नवल वर्मा। शहर के गांधी वार्ड में प्रत्याशी मनोज शर्मा को लेकर समस्त कांग्रेसी एकजुट थे और अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर रहे थे। पिछले दो दशक में शायद ही पहला ऐसा चुनाव होगा जिसमें कांग्रेसी ऊंगली करने की जगह सपोर्ट की मुद्रा में नजर आ रहे है। यह सब देखकर विधायक हेमंत खण्डेलवाल को समझ आ गया था कि इस वार्ड की पूरी कमान उन्हें अपने हाथ में लेना चाहिए। नतीजा यह रहा कि उन्होंने गांधी वार्ड के चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी और इसलिए भाजपा जिस वार्ड में 22 मतों से पिछला पार्षद चुनाव हारी थी वहां 609 मतों से रिकार्ड जीत दर्ज कराती है। हालांकि भाजपा में श्रेय के लिए अलग-अलग नेता खम्भ ठोंक रहे है, लेकिन जो वास्तविकता जानते है, उन्हें पता है कि भाजपा की जीत में हेमंत खण्डेलवाल की ताकत और रणनीति तथा संबंधों का सीधा असर है।
- जहां कांग्रेसी एप्रोच करते है वहीं पहुंच जाता हेमंत खण्डेलवाल का फोन...
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे या पूर्व विधायक निलय डागा जहां भी मतदाताओं को कांग्रेस के लिए एप्रोच करते या उनसे मिलने जाते, वहां पर हेमंत खण्डेलवाल उन्हीं मतदाताओं को सीधे फोन करते और साफ शब्दों में कहते कि इस चुनाव में उनकी व्यक्तिगत रूचि है और उनको देखते हुए भाजपा के वरूण को ही वोट दे।
- भाजपा प्रत्याशी वरूण को उपलब्ध कराई भरपूर मात्रा में रसद...
चुनाव में भाजपा प्रत्याशी वरूण धोटे के लिए हेमंत खण्डेलवाल ने भरपूर रसद उपलब्ध कराई। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी इस मामले में अपनी ओर से जोर लगाने की स्थिति में नहीं था। कहते है कि हेमंत खण्डेलवाल ने खर्च के मामले में पूरे हाथ खोल दिए थे।
- नई और पुरानी भाजपा को टकराने से रोकने में भी सफल रहे खण्डेलवाल...
वर्तमान स्थितियों में कोठीबाजार मंडल में दो तरह की भाजपा बताई जाती है,जिसमें एक नई भाजपा है और एक पुरानी भाजपा है। नई भाजपा वह है जो लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की सदस्यता लेती है। भाजपा की रीति नीति के हिसाब से नई भाजपा को पुराने भाजपाई एडजस्ट नहीं कर पा रहे, लेकिन चुनाव में हेमंत ने सबको साधकर रखा।
- वोटों का धुव्रीकरण भी रोकने में कामयाब रहे हेमंत खण्डेलवाल...
जातिगत और धार्मिक आधार पर भी मतदाताओं को साधने के लिए हेमंत ने अन्य जातिगत और धार्मिक आधार पर अपने अन्य नेताओं का भरपूर उपयोग किया, जैसे पवार समाज के 30 वोट के लिए सुधारकर पवार, अतीत पवार आदि को लगाकर रखा।
- यह भी आश्चर्यजनक किंतु सत्य...
कांग्रेस प्रत्याशी मनोज शर्मा के लिए चुनाव फंड जुटाने में कांग्रेसियों ने अपने जेब में हाथ डालने में कंजूसी नहीं की। पूर्व विधायक निलय डागा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे, अरूण गोठी, नवनीत मालवीय, सोनू पाल, राजू गावंडे, प्रतीक देशमुख, रजनीश मंगू सोनी, शांतिलाल तातेड़ आदि ने अपने-अपने स्तर पर और संसाधन की क्षमता के अनुरूप मदद की।
नवल वर्मा हेडलाईन बैतूल 15 सितम्बर 2024


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