बैतूल (हेडलाइन) / नवल वर्मा। ठगी के नये-नये तौर तरीके सामने आ रहे है, ऐसे में सावधानी में ही सुरक्षा है। किसी भी तरह के लेनदेन को लेकर सतर्कता बरते, किसी पर भरोसा न करें। कौन किस वेष में आपको आकर चूना लगा जाए इसकी कोई गारंटी नहीं है। यदि कोई दावा करता है कि आपका काम करा सकता है तो बदले में इतने पैसे लगेंगे तो उस पर भरोसा ना करें। इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद उसका सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि ऐसे मामलों में पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बचती है, केवल फरियादी से आवेदन लेकर रख लेती है। इस तरह के कई मामले है, जिसमें ठगी की वारदात में पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की, केवल फरियादी से आवेदन लेकर रख लिया। ऐसे में सही तरीका यह है कि नटवारलाल के वंशजों को पहचाने और इनके झांसे में आने से बचे। केवल सायबर अरेस्ट जैसी ठगी ही नहीं होती। बल्कि कोई भी किसी भी तरह का मुखौटा लगाकर ठगी कर सकता है।

- यादव समाज के बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम हुई ठगी पर एक माह बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं...
बीजादेही थाना अंतर्गत यादव समाज के युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर तगड़ी चपत लगाई, जिसकी शिकायत 15 दिसम्बर को बीजादेही थाने में की गई थी, लेकिन फरियादियों का कहना है कि अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जबकि थाना प्रभारी ने 31 दिसम्बर के बाद एफआईआर का आश्वासन दिया था। बताया गया कि अक्टूबर 2022 से 2023 के दौरान भोपाल निवासी किसी अमित ने 05 - 05 लाख रूपए नौकरी दिलाने के नाम पर दिए थे और फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र भी दिया था। 

- राठौर समाज के लोगों को क्रिप्टो करेंसी के नाम पर 10 करोड़ की ठगी पर एफआईआर दर्ज नहीं...
इधर बैतूल शहर में यादव समाज के लोगों को रेबो ट्रेड के नाम से क्रिप्टो करेंसी का खेल दिखाकर तगड़ी चपत लगाई गई। इस खेल में छत्तीसगढ़ निवासी ज्ञानप्रसाद साहू और विशाल बंसल का नाम सामने आया है। रेबो ट्रेड के नाम से बने एक साफ्टवेयर के माध्यम यह सब खेल हो रहा था, जिसमें एक स्थानीय राठौर समाज के एक व्यक्ति को भी माध्यम बनाया गया और उसी ने अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 तक समाज के लोगों को करीब 10 करोड़ की चपत लगवा दी और अभी तक एफआईआर नहीं हुई?

- पीडब्ल्यूडी के भृत्य को एटीएम बदलकर लगाई चपत...
पीडब्ल्यूडी ऑफिस कम्पाउंड में रहने वाले भृत्य मुन्नालाल पिता बिसराम धुर्वे के साथ भी ठगी हुए एक माह से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन इसके मामले में भी अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। बताया गया कि 28 सितम्बर को 5 बजे जिला चिकित्सालय के सामने के एटीएम में उनका एटीएम बदल लिया गया और बदलने वाले व्यक्ति ने बैतूल - नागपुर में 02 लाख रूपए की चपत लगाई।
@साभार : राष्ट्रीय दिव्य दुनिया 
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 18 जनवरी 2025