बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिले में चिन्हित 302 अवैध कालोनियों के नियमितिकरण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आयुक्त नगरीय प्रशासन ना केवल असंतुष्ट है, बल्कि नाराज भी है। यही कारण है कि 6 नवम्बर को उन्होंने 12 बिंदुओं के आधार पर जानकारी तलब की जो उन्हें नहीं भेजी गई। इस स्थिति में नगरीय प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त डॉ. परिक्षित संजय राव झाड़े ने 03 जनवरी को फिर से जिले के नगरीय निकायों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने यह जानकारी 07 जनवरी तक उपलब्ध कराने के लिए कहा था, लेकिन बताया जा रहा है कि नगरीय निकायों ने चिन्हित अवैध कालोनियों को लेकर अभी तक फाईनल प्रकाशन नहीं किया है और न ही आयुक्त नगरीय प्रशासन को अपना कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। इससे समझ आता है कि अवैध कालोनियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर क्या भर्राशाही है। 

- एक माह से ज्यादा हो गया, लेकिन कलेक्टर की गठित समिति ने अब तक कुछ नहीं किया...
जिले के नगरीय निकायों में चिन्हित 302 अवैध कालोनियों के नियमितिकरण प्रक्रिया को लेकर नवम्बर माह में कलेक्टर ने एक समिति गठित की थी। इस समिति में संबंधित निकाय के सीएमओ, एई, तहसीलदार संबंधित आरआई पटवारी के साथ-साथ संचालक शहर एवं ग्राम निवेश को भी रखा गया था, लेकिन हालत यह है कि इस समिति को सात दिन की मोहलत दी गई थी, लेकिन एक माह गुजर जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।

- एसीएस की बैठक में सभी विधायकों ने भी उठाया था अवैध कालोनियों का मसला...
अक्टूबर में अपर मुख्य सचिव अजित केसरी ने बैतूल में जब जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली थी, तब वहां पर बैतूल के सभी विधायकों ने अवैध कालोनियों में लोगों को मूलभूत सुविधाएं न मिलने का मसला उठाया था। तब कहा गया था कि कालोनियों के नियिमितिकरण के मामले में कार्रवाई चल रही है, इसके बाद पालन प्रतिवेदन में प्रक्रिया चलना ही हर बार बताया जाता है। 

- इन बिंदुओं के आधार पर तबल की गई जानकारी...
1 - अवैध कालोनी किस नाम से है। 
2 - किस वार्ड में कालोनी है। 
3 - कालोनाईजर का नाम ।
4 - कालोनी का खसरा एवं रकबा। 
5 - कालोनी विकास की एनओसी।
6 - कालोनी विकास का जमा शुल्क।
7 - कालोनी में कुल भूखंड संख्या।
8 - कालोनी में ईडब्ल्यूएस एलआईजी।
9 - कालोनाईजर द्वारा जमा आश्रय शुल्क।
10 - जमा कराया अतिरिक्त आश्रय शुल्क।
11 - सार्वजनिक प्रयोजन की जमीन।
12 - कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र।
 
- इनका कहना...
अवैध कालोनियों के नियमितिकरण या नवनिर्मित अवैध कालोनियों के मामले में बैतूल का प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। जनप्रतिनिधियों के मुद्दे उठाने के बाद भी केवल कागजी कार्रवाई कर रहे है।
- मोनू वाघ प्रवक्ता, जिला कांग्रेस।
@साभार : राष्ट्रीय दिव्य दुनिया 
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 19 जनवरी 2025