बैतूल (हेडलाइन)/ नवल वर्मा। बैतूल जिले में अधिकारियों के ऊपर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का कोई जोर ही नहीं है, इसका सबसे बड़ा नमूना यह है कि मंडी प्रशासक बनकर बैठे अनुविभागीय अधिकारी जिले के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल के आदेश को दरकिनार कर रहे है। दरअसल 20 नवम्बर को बैतूल में समीक्षा के दौरान विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से मिले फीडबैक के बाद प्रभारी मंत्री ने आदेश दिए थे कि संबंधित एसडीएम अपने मंडी क्षेत्र में प्रतिदिन कम से कम दो घंटे समय खर्च करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं को देखेंगे, लेकिन एसडीएम ने प्रभारी मंत्री के इस आदेश को ताक पर रख दिया है और वे मंडी में झांकने भी नहीं जा रहे है। जबकि कृषि उपज मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर हर तरफ से जो फीडबैक आ रहा है, उससे यही सामने आता है कि कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। मंडी प्रशासक होने के बावजूद बैतूल, भैंसदेही और मुलताई एसडीएम मंडी में जा ही नहीं रहे है। यह बताता है कि जिले में अफसरशाही के सामने जब प्रभारी मंत्री का आदेश अनसुना किया जा रहा है तो विधायक,सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों की कितनी सुनी जाती होगी। 
हेमंत खण्डेलवाल और राजा पवार ने उठाया था यह मामला
 प्रभारी मंत्री के सामने बैठक में बैतूल विधायक हेमंत खण्डेलवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार ने बताया था कि कृषि मंडियों में खरीदी कम हो रही है। किसानों को उनकी उपज का भुगतान किए जाने में व्यापारी विलंब और मनमानी करते है। किसानों को 24 घंटे में उनकी उपज का भुगतान प्राप्त हो सके ऐसी व्यवस्था बनाई जाए। मुलताई मंडी में व्यापारियों द्वारा रास्ते पर ही उनकी उपज खरीद ली जाती है। उन्हें मंडी तक नहीं जाने देते है।
प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने दिए थे दिशा निर्देश
विधायक हेमंत खण्डेलवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार द्वारा मंडियों की स्थितियों को लेकर मुद्दा उठाने के बाद प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने मंडी सचिवों को निर्देश दिए थे कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान 24 घंटे में अनिवार्य रूप से किया जाए। जो व्यापारी ऐसा नहीं करते उनके लाईसेंस निरस्त करें। जिले के सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिदिन दो घंटे मौके पर उपस्थित रहकर देखे और व्यवस्था सुनिश्चित कर गु्रप में फोटो डाले।

- इनका कहना...
- नौकरशाही पूरी तरह हावी...
कांगे्रस नेता राजेश गावंडे का कहना है कि जिले में नौकरशाही पूरी तरह से हावी है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

- जनप्रतिनिधि में दम ही नहीं...
आप के जिलाध्यक्ष  शैलेन्द्र वाईकर का कहना है कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों में दम नहीं है, इसलिए अफसर हावी।

- हालात बहुत ही खराब है...
जयस के जामवंत कुमरे का कहना है कि वर्तमान सत्ता में हालात बहुत खराब है, सिस्टम बेकार हो चुका है। कहीं कोई सुनवाई नहीं।
@साभार : राष्ट्रीय दिव्य दुनिया 
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 21 जनवरी 2025