बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सीएम हेल्प लाईन निराकरण के मामले में पिछले कुछ माह से बैतूल जिले की रैकिंग लगातार नीचे आ रही है? इसका बड़ा कारण यह है कि विभागों द्वारा सीएम हेल्पलाईन निराकरण में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है? वैसे भी सीएम हेल्पलाईन को लेकर कहा जाता है कि यहां समस्या या शिकायत का समाधान नहीं किया जाता। बल्कि शिकायतें मान मनोव्वल कर या दबाव बनाकर बंद ही करवाई जाती है। 20 दिसम्बर से 20 जनवरी तक के दौरान की जो रैकिंग सामने आई है, उसमें बैतूल जिला अपने ग्रुप बी में 12 वें पायदान पर है और प्रदेश स्तर पर 20 वें पायदान पर पहुंच गया है। जबकि पिछले माह बैतूल जिला 8 वें पायदान पर था। उसके पहले बैतूल जिला दूसरे पायदान पर था। अब लगातार रैकिंग में पिछडऩे का कारण क्या है, यह शोध का विषय है? जिस तरह से रैंक में पिछड़ रहे है उससे ऐसा लगाता है कि कलेक्टर व्यवस्थित तरीके से मॉनीटरिंग नहीं कर पा रहे है या अधिकारियों में अब उनका पहले जैसा दबदबा नहीं रहा? खैर जो भी हो लेकिन सीएम हेल्पलाईन में जिले का यह प्रदर्शन संतोषजनक नहीं माना जा सकता ?

- ग्रेड बी शामिल है यह विभाग...
रैकिंग के अलावा विभागों की ग्रेडिंग भी की जाती है। जिसमें बी ग्रेड में 76 प्रतिशत वैटेज के साथ राजस्व विभाग शामिल है। इसके अलावा वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग तकनीकी शिक्षा विभाग, पशु पालन विभाग और महिला बाल विकास विभाग को इसमें रखा गया है। यह 60 से 70 प्रतिशत पर बी ग्रेड मिलता है।

- श्रम और स्वास्थ्य सी ग्रेड में...
जिले के विभागों की जो वेटेज प्रतिशत के आधार पर रैकिंग की गई है, उसमें जल संसाधन विभाग डी ग्रेड में है। वहीं श्रम और स्वास्थ्य विभाग को सी ग्रेड में रखा गया है। इसके अलावा जो बाकी विभाग है, जैसे पुलिस, जिला पंचायत, नगरीय प्रशासन आदि को ए ग्रेड मिला है। जिन विभाग में वेटेज 90 फीसदी से रहता है उन्हें ए ग्रेड दिया जाता है।

- सवाल 01: अपने आप क्यों बंद होती है शिकायतें?
सीएम हेल्पलाईन को लेकर कुछ शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभाग अपने स्तर पर शिकायतें बंद कर देता है और उनकी समस्या का समाधान ही नहीं होता है। नगर पालिका को लेकर यह शिकायत ज्यादा है।

- सवाल 02: क्यों उच्च लेवल पर नहीं जाती शिकायतें? 
राजस्व विभाग में देखने में आता है कि शिकायत को उच्च लेवल पर नहीं जाने दिया जाता है। तहसीलदार से एसडीएम, एसडीएम से कलेक्टर और फिर वापस कलेक्टर से तहसीलदार के पास भेज दी जाती है। 

- सवाल 03: क्यों ज्यादातर शिकायतें उठा ली जाती है? 
सीएम हेल्पलाईन को लेकर एक और फैक्ट जो सामने आता है कि शिकायत में संतुष्टिपूर्वक समाधान नहीं होता है, बल्कि शिकायतकर्ता को जैसे-तैसे मैनेज करके शिकायतें बंद करा ली जाती है?
@साभार : राष्ट्रीय दिव्य दुनिया 
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 22 जनवरी 2025