बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जो कभी नहीं बदलता वह सनातन है और जो सनातन है वही हिन्दुत्व है और इसका प्रकटीकरण महाकुंभ के रूप में सम्पूर्ण विश्व देश रहा है। उक्त उद्गार अखिल भारतीय साहित्य परिषद बैतूल द्वारा केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देशन में " आत्म बोध से विश्व बोध " विषय पर प्रारंभ की जा रही व्याख्यान माला के अवसर पर मुख्य अतिथि गायत्री परिवार के दक्षिण जोन प्रभारी श्री उत्तमराव गायकवाड़ ने व्यक्त किए। 
इससे पूर्व दृष्टि कम्प्यूटर सेंटर पर मां सरस्वती का दीप प्रज्वलन एवं पूजन कर बसंती पंचमी से आगामी वसंत पंचमी तक चलने वाली व्याख्यान माला का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री सुनील पांसे ने कहा कि वैचारिक प्रबोधन  सकारात्मक सोच विकसित करेगा तब मानव कल्याण के कार्य करने से राष्ट्र खड़ा होगा। भारत यह निरंतर संघर्ष के होने और विजय होने का नाम है। हमारी विरासत, परम्परा और संस्कृति का एकात्म स्वरूप ही भारत है। इसलिए आत्म बोध होना आवश्यक है जिसका विश्व को बोध कराने का समय आ चुका है। लोक संस्कृति और साहित्य ही लोक-मंगल का भाव जागृत कराएंगे।
प्रांतीय मीडिया प्रभारी नवल वर्मा ने कहा कि देश में जो नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है उसका मीडिया के माध्यम से जवाब देना अब जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष पुष्पक देशमुख ने
एवं आभार जिला महामंत्री धर्मेन्द्र खौसे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बैतूल मीडिया प्रभारी प्रसेन मालवीय, महेंद्र गुदवारे, निरंजन सोनारे, भैयालाल यादव, कमलेश निरापुरे, अनमोल वरकड़े, अजय पवार, नीतू विश्वकर्मा, सोनू पवार, पिंकी यादव, दीक्षा घाणेकर, अंकुर भुमरकर, प्रवीण घाणेकर, मनोज धाड़से, नारायण साहू एवं अनेक साहित्य प्रेमी बंधु उपस्थित थे।