(बैतूल) बैतूल - इंदौर फोरलेन बनाने वाली बंसल कंपनी ने अवैध उत्खनन में जमा नहीं किया जुर्माना , - जिले के खनिज विभाग को कंपनी से वसूलना है चार प्रकरण में करीब 21 करोड़ रूपए

बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा । बैतूल-इंदौर फोरलेन बनाने वाली बंसल पाथवे कंस्ट्रक्शन वर्क्स प्रायवेट लिमिटेड, तवा काम्पलेक्स बिट्टन मार्केट अरेरा हिल्स भोपाल से बैतूल जिले के खनिज विभाग को 20 करोड़ 73 लाख 3 हजार 600 रूपए जुर्माने के रूप में वसूलना है। यह राशि कंपनी द्वारा जमा नहीं की गई। चार अलग-अलग प्रकरण में कंपनी पर अवैध उत्खनन के मामले में यह जुर्माना लगाया गया था। जुर्माना अधिरोपित किए करीब-करीब दो वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन कंपनी द्वारा पैसा ही जमा नहीं किया जा रहा है। कंपनी जुर्माना जमा करने की जगह न्यायालय की शरण में चली गई थी। बताया गया कि यहां से कंपनी को किसी तरह कोई स्टे नहीं मिला है। इसके बावजूद कंपनी राशि जमा नहीं कर रही है।
- एक दर्जन मामले में से मात्र चार में ही दर्ज हुआ अवैध उत्खनन...
बैतूल-इंदौर फोरलेन निर्माण में बैतूल से चिचोली के मध्य कम से कम एक दर्जन से ज्यादा मामले सार्वजनिक हुए है, जहां बंसल कपंनी द्वारा अवैध खनन किया गया, जिसमें चिचोली तहसीलदार ने आधा दर्जन प्रकरणों में प्रतिवेदन बनाकर एसडीएम को भेजा था, लेकिन मात्र चार प्रकरण में ही केस दर्ज हुए।
- सर्वाधिक जुर्माना गोधना के अवैध उत्खनन में लगाया गया...
वैसे तो चार अवैध उत्खनन के प्रकरण बने है। जिसमें सर्वाधिक जुर्माना गोधना जलाशय के आसपास उत्खनन में लगाया गया। जिसमें 18 करोड़ 74 लाख 57 हजार का जुर्माना कलेक्टर द्वारा लगाया गया था। इसके अलावा 1 करोड़ 45 लाख 80 हजार का जुर्माना लगाया गया और अन्य दो प्रकरण में 19 लाख 80 हजार और 32 लाख 66 हजार का जुर्माना लगाया था।
- अब खनिज विभाग जारी कर रहा है वसूली के लिए आरआरसी...
खनिज अधिकारी मनीष पल्लैवार ने बताया कि कंपनी द्वारा जुर्माना वसूल नहीं करने पर उनके खिलाफ वसूली के लिए खनिज विभाग द्वारा आरआरसी जारी की जा रही है, जिसमें तहसीलदार को अधिकार है कि जुर्माना जमा नहीं करने पर उनकी संपत्ति राजसात कर सकते है। यह कार्रवाई भोपाल के तहसीलदार करेंगे।
- कंपनी के कर्मचारी कैलाश के नाम पर भी बना था प्रकरण...
इधर एक जानकारी यह भी सामने आ रही है कि बंसल कंपनी के लिए प्रशासनिक कामकाज देखने वाले बैतूल निवासी कैलाश पिता छोटू बड़ौदे निवासी कौडिय़ा तहसील भैंसदेही के नाम से भी खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन का प्रकरण बनाया था, जिसमें उनके खिलाफ 5 लाख 31 हजार का जुर्माना प्रस्तावित किया था। यह जुर्माना भी जमा नहीं किया गया है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 11 फ़रवरी 2025