(बैतूल) 302 अवैध कालोनियों में से 271 के नियमितिकरण को कलेक्टर की हरी झंडी, धूल खा रही फाईलें दौडऩे लगी , - खबर का असर... राष्ट्रीय दिव्य दुनिया की खबरों के बाद एक्शन मोड में आया प्रशासन
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा । नगरीय क्षेत्र की चिन्हित 302 अवैध कालोनियों के मामले में लंबित चल रही नागरिक सुविधाओं और नियमितिकरण की कार्रवाई अब फिर शुरू हो गई है। इन 302 कालोनियों में से 271 कालोनियों में कलेक्टर ने नियिमतिकरण की प्रक्रिया पूरी करने फाईनल प्रकाशन के आदेश दिए है और इसलिए पिछले दो वर्ष से धूल खा रही इन अवैध कालोनियों की फाईलें फिर अब अधिकारियों के टेबल पर दौड़ती हुई नजर आ रही है। वहीं बताया गया कि 31 कालोनियांं है उनमें टेक्नीकल डिफाल्ट होने के कारण फिलहाल उनकी प्रक्रिया को नहीं किया जा रहा है। वैसे यह 302 कालोनियां दिसम्बर 2018 के पहले की है। दिसम्बर 2018 और दिसम्बर 2022 के मध्य भी नगरीय क्षेत्र में करीब 43 और अवैध कालोनियों को चिन्हित किया गया था। उनको लेकर कोई भी फैसला या पॉलिसी सामने नहीं आई है। वैसे कलेक्टर ने 2022 की कालोनियों में एफआईआर के आदेश दिए है।
- वर्तमान की नियमितिकरण की प्रक्रिया को लेकर यह है दो सवाल...
1- जिन कालोनियों को नियमितिकरण किया जा रहा है उन कालोनियों में सीवेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा या नहीं?
2- जो नागरिक सुविधाएं इन अवैध कालोनियों में जुटाई जाएगी, उसके लिए पैसा क्या वहां के रहवासी देंगे या प्रशासन कालोनाईजर से वसूल करेगा, चूंकि कालोनाईजर वहां के तमाम प्लॉट बेच चुका है और उसके कोई बंधक प्लॉट नहीं है ऐसे में पैसा कालोनाईजर कैसे वसूल करेंगे?
- दिसम्बर 2022 तक किस निकाय में कितनी अवैध कालोनियां...
1. नपा बैतूल में 118 अवैध कालोनी।
2. चिचोली में 29 अवैध कालोनी।
3. बैतूल बाजार में 09 अवैध कालोनी।
4. सारनी में 11 अवैध कालोनी।
5. घोड़ाडोंगरी में 07 अवैध कालोनी।
6. शाहपुर में 15 अवैध कालोनी।
7. भैंसदेही में 07 अवैध कालोनी।
8. आठनेर में 13 अवैध कालोनी।
9. मुलताई 87 अवैध कालोनी।
10. आमला में 49 अवैध कालोनी।
- पूर्व में इन कालोनियों पर एफआईआर के लिए दिया था प्रतिवेदन...
अवैध कालोनियों को लेकर पूर्व नगरपालिका बैतूल ने गंज और कोतवाली टीआई को अवैध कालोनियों की सूची के साथ पुलिस कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन दिया था। वहीं एडीएम बैतूल ने एसपी बैतूल को 302 अवैध कालोनियों के साथ एफआईआर के लिए प्रतिवेदन भेजा था। उक्त मामले में डेढ़ वर्ष से ज्यादा होने पर भी कोई एफआईआर जैसी कार्रवाई नहीं हुई। जब नियमितिकरण कार्रवाई तेज हुई तो एफआईआर वाले पूर्व प्रतिवेदन पर भी कोई एक्शन होगा?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 14 फ़रवरी 2025


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