(बैतूल) भोले का भोलापन देखना है तो कलेक्टर को लक्की ढाबे के पीछे की अवैध कालोनी में जाना ही चाहिए ! , - ग्रामीण क्षेत्र की अवैध कालोनियों को लेकर एसडीएम कार्यालय से नोटिस आगे कुछ नहीं होता

बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल अनुविभाग में अवैध कालोनियों का मकडज़ाल फैला हुआ है। जहां नियम कायदों के विपरित प्लॉट बेचे जा रहे है! ऐसा ही एक मामला बैतूल-नागपुर फोरलेन पर पटवारी हल्का बटामा का बताया जा रहा है? यहां पर कोई किसी भोले , राजपूत और पवार ने करीब तीन एकड़ से ज्यादा में कालोनी काटी और प्लॉट बेचे है। जो प्लॉट बेचे गए है उसके लिए किसी भी तरह से नियम अनुसार कोई अनुमतियां नहीं है और बात रही नागरिक सुविधाओं की वह भी कालोनाईजर ने नहीं जुटाई है! बिना डेव्लपमेंट के ही कालोनाईजर ने कालोनी में प्लॉट बेच दिए है? इस मामले की जानकारी मिलने के बाद हल्का पटवारी ने प्रतिवेदन भी नहीं दिया, लेकिन बैतूल एसडीएम कार्यालय से उक्त कालोनाईजरों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई?
जानकारी के मुताबिक बैतूल एसडीएम कार्यालय से नोटिस जारी होने के बाद उक्त कालोनाईजर ने आकर एसडीएम कार्यालय में मेल मिलाप कर चले गए और उन्होंने जवाब तक नहीं दिया! इस तरह की स्थितियां देखने के बाद ही लोगों का कहना है कि कलेक्टर को इस तरह की कालोनियोंं में जाकर विजिट करना चाहिए? उनका कहना है कि लक्की ढाबे के पीछे फोरलेन पर बनी इस कालोनी की यदि कलेक्टर पड़ताल कराएंगे तो उन्हें यह सच्चाई सामने आएगी कि बैतूल एसडीएम कार्यालय से इस तरह की अवैध कालोनियों की सूचना मिलने पर वास्तव में होता क्या है और क्यों अवैध कालोनाईजिंग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है?
कलेक्टर को एसडीएम से यह पूछना चाहिए कि जिन अवैध कालोनियों में नोटिस दिए जाते है उनमें आगे करते क्या हो?
बैतूल एसडीएम कार्यालय से वर्तमान एसडीएम कार्यकाल में जिन अवैध कालोनियों को नोटिस जारी किए गए थे, उनमें एसडीएम कार्यालय से प्रबंधन या एफआईआर की क्या-क्या कार्रवाई हुई? इसकी जानकारी कलेक्टर को लेना चाहिए? विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की कालोनियों को लेकर कलेक्टर को प्रत्येक प्रकरण की विवेचना करवाई चाहिए? यह बात पत्रकार आनंद सोनी ने कही। उनका कहना है कि अवैध कालोनियों के मामले में बहुत कुछ ऐसा हो रहा है, जो बताता है कि दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है, जिसमें स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की जरूरत है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 16 फ़रवरी 2025