(बैतूल) सागौन जब्ती पर प्रेस नोट जारी कर वाहवाही लूट रहे डीएफओ पर बता नहीं रहे कि कटाई कहां हुई , - दक्षिण वन मंडल में जब्त सागौन का प्रचार अधिकारियों की कार्यप्रणाली और भूमिका पर खड़े करता है सवाल

बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। दक्षिण वन मंडल के वर्तमान डीएफओ सागौन पकड़ाएं जाने पर बाकायदा प्रेस नोटिस जारी करवाते है और यह प्रेस नोट बिना किसी सवाल के मीडिया भी जैसा का वैसा परोस देता है। इस प्रेस नोट में कभी यह नहीं बताया जाता कि जो सागौन जब्त की गई है उसमें यह जानकारी कभी नहीं दी जाती कि यह सागौन कहां से काटी गई और कटाई करने वाले लोग कौन थे? यह जो स्थिति है उसमें आरोप भी लगते है कि बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई हो रही है और यह होना अधिकारियोंं के कुप्रबंधन का नतीजा है। डीएफओ जिस स्तर पर लकड़ी जब्त बता रहे है यदि उसकी कटाई का हिसाब किया जाएगा तो डीएफओ तक की जिम्मेदारी तय होगी, इसलिए इस सवाल से मुंह चुरा लेते है। जबकि जो वन विभाग में कार्रवाई का सिस्टम है उसमें जब्त सागौन के साथ ही इस बात की पूरी जांच होना चाहिए कि उक्त सागौन कहां से काटी गई?
- दो वर्ष के कार्यकाल में 61 लाख 84 हजार का सागौन जब्त पर काटी कहां से यह नहीं पता...
हाल ही में यह बात प्रसारित करवाई गई कि वर्तमान दक्षिण वन मंडल डीएफओ के कार्यकाल में 61 लाख 84 हजार की सागौन जब्त की गई है! इस जब्त सागौन को लेकर डीएफओ साहब अपनी पीठ थपथपाते नजर आते है? जो जानकारियां सार्वजनिक की गई, उसमें यह भी बताया गया कि 54 लोगों को वन अपराध के तहत जेल भी भेजा गया। अब जिन लोगों को जेल भेजा गया क्या उनसे यह नहीं पूछा गया कि यह सागौन कहां से कटी है, किसके द्वारा कटवाई गई? यदि पूछा होता तो शायद वन विभाग में कई कर्मचारी अधिकारी पर जिम्मेदारी तय होती?
- एक वन रक्षक के पास पांच-पांच बीट का चार्ज इसलिए कटाई पर नहीं लग रहा है अंकुश...
बताया जा रहा है कि वन विभाग में कई बीट गार्ड ऐसे है जो जंगल की सुरक्षा का काम छोडक़र कार्यालयों में बाबूगिरी कर रहे है और यहां वहां अटैच है! इस स्थिति में एक वन रक्षक के पास चार-चार, पांच-पांच बीट की सुरक्षा का जिम्मा है तो स्वाभाविक है कि वह अपना काम कर ही नहीं पाएगा? इस स्थिति में जंगल काटने वाले माफिया के पास खुला मौका होता है। वैसे भी रेंजर से लेकर एसडीओ और डीएफओ स्तर के अधिकारी जंगल की सुरक्षा से ज्यादा विभाग में होने वाली खरीदी और निर्माण कार्यो में ज्यादा रूचि लेते है?
- आरोप... जितनी कटाई हुई उसके मुकाबले कम सागौन ही 2 वर्ष में जब्त...
इधर कांग्रेस नेता राजेश गावंडे का आरोप है कि जो डीएफओ साहब दो वर्ष में 61 लाख की सागौन जब्त करने पर अपनी पीठ थपथपा रहे है उन्हें यह बात भी बतानी चाहिए कि विगत 2 वर्ष में कितनी कटाई हुई है, क्या उसके अनुपात में सागौन जब्त हुई है! उनका कहना है कि यह भी बताना चाहिए कि कटाई के मामले में कितने पीओआर काटे गए?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 23 फ़रवरी 2025