बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। खनिज विभाग अवैध उत्खनन के प्रकरण बनाता है और उसमें जो जुर्माना कलेक्टर द्वारा किया जाता है, उसमें अवैध उत्खननकर्ता राशि ही जमा नहीं करते। बैतूल जिले में पिछले 35 वर्ष में ऐसे 53 प्रकरण है, जिनमें अवैध खननकर्ताओं ने राशि ही जमा नहीं की और यह राशि बढ़ते हुए 184 करोड़ पर पहुंच गई। इस राशि की वसूली को लेकर किसी भी खनिज अधिकारी ने कभी कोई रूचि नहीं ली और समय पर आरआरसी जारी नहीं की। अब जब इस वसूली को लेकर आरआरसी जारी की गई तो राशि वसूल करने के लिए संबंधित तहसीलदार रूचि ही नहीं ले रहे है। 

- एक माह पहले जारी आरआरसी में तहसीदारों ने केस ही दर्ज नहीं किए...
करीब एक माह पहले खनिज विभाग ने 53 प्रकरण में आरसीसी जारी की और संबंधित तहसीलों को वसूली के लिए भेज दी, लेकिन किसी भी तहसील में वसूली के लिए प्रकरण दर्ज नहीं किया गया।

- इस वसूली में नहीं मिलेगा कमीशन इसलिए रूचि नहीं ले रहे तहसीलदार...
सरकारी वसूली में प्रक्रिया पूरी करने में एनर्जी खर्च होगी और मिलेगा कुछ नहीं, इसलिए कोई भी तहसीलदार रूचि नहीं ले रहा है। यदि यह बैंक की वसूली होती तो दौड़ पड़ते क्योंकि कमीशन मिलता है।

- शाहपुर में सबसे ज्यादा वसूली और तहसीलदार एक माह के अवकाश पर...
शाहपुर तहसील ऐसी है जहां सबसे ज्यादा राशि वसूली होना है और यहां पर तीन प्रकरण में ही 138 करोड़ वसूल किए जाना है, लेकिन तहसीलदार लंबे अवकाश पर है और प्रभारी की रूचि ही नहीं है।

- इससे समझे आदत... अपने ही राजस्व विभाग की वसूली तब तहसीलदारों ने शुरू की जब कलेक्टर ने उन्हें हडक़ाया...
राजस्व अधिकारियों के कामकाज और रूचि को लेकर यह बड़ा प्रमाण है कि राजस्व विभाग की वसूली को लेकर भी तहसीलदारों ने वर्ष भर कोई रूचि नहीं ली, जबकि कलेक्टर राजस्व अधिकारियों की बैठक में इस पर दिशा निर्देश देते है। अब जब वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर आया और ऊपर से डंडा चला तो अभियान चलाकर वसूली शरू की।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 25 फ़रवरी 2025