(बैतूल) महालेखाकार की रिपोर्ट में भू-अर्जन प्रक्रिया की पोल खुलने का इफेक्ट , - भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी करने वाले अफसरों के खिलाफ अब होगा एक्शन , - प्रमुख राजस्व आयुक्त ने एक्शन के लिए जारी किए है दिशा निर्देश

बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। भू-अर्जन के मामले में नियम, कायदे प्रक्रिया को लेकर होने वाली अनियिमतताओं को लेकर महालेखाकार (ऑडिट ऑफ जनरल) ने गंभीर आपत्तियां ली है, जिसको लेकर प्रमुख राजस्व आयुक्त ने एक दिशा निर्देश पत्र जारी किया है। इस पत्र में भू-अर्जन की प्रक्रिया में होने वाली खामियों को उजागर करते हुए उन्हें दूर करने के लिए तरीका भी बताया गया है।
गौरतलब रहे है कि डेम, सडक़ आदि मामलों में भू-अर्जन की प्रक्रिया होती है और इस प्रक्रिया में शासकीय और निजी दोनों तरह की भूमि का अर्जन किया जाता है। अक्सर यह सामने आता है कि भू-अर्जन की प्रक्रिया में निजी भूमि के मामले में भूमि मालिकों द्वारा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जाते है। जैसे जिले में बैतूल-इंदौर फोरलेन निर्माण के दौरान बैतूल और चिचोली के मध्य विभिन्न ग्रामों में भू-अर्जन को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई थी और उक्त क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा भू-अर्जन के मामले में अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए शिकायतें भी की गई थी।
- प्रमुख राजस्व आयुक्त यह गाईड लाईन जारी की ...
1 - भू-अर्जन के सर्वे के फोटोग्राफ और विडियो ग्राफ साक्ष्य भू-अर्जन अधिकारी सुरक्षित रखे। इसके अलावा पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने अर्जित किए जाने वाले क्षेत्र की जिओ टैग फोटो, ड्रोन सर्वे, उपग्रह फोटोग्राफ को भी अपनाए।
2 - भूमि वास्तव मेंं सिंचित थी या नहीं, इसकी जांच की जाना चाहिए एवं विरोधाभासी सर्वे रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
3 - अधिनिर्णय में जिन व्यक्तियों का नाम नहीं है या अधिनिर्णय में नाम होने के बावजूद प्रतिकर नहीं दिया गया। उनके प्रतिकर के भुगतान में लापरवाही के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए।
4 - अपेक्षक निकायों द्वारा भूमि अर्जन की लागत समय पर जमा करना था भूमि स्वामियों को समय पर प्रतिकर भुगतान सुनिश्चित करें।
5 - भू-अर्जन के भुगतान से पहले नियत प्रक्रिया के अनुसार अपेक्षक निकायों के साथ भूमि के अवैध आधिपत्य के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 07 मार्च 2025