(बैतूल) हाईटेंशन लाईट को डूबाने के लिए 40 लाख रूपए से बनाया जा रहा है हमलापुर में तालाब , - हाईटेंशन लाईन सुरक्षा संबंधी नियमों को रखा जा रहा है ताक पर

बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। नगरपालिका बैतूल हमलापुर क्षेत्र में जहां ईंट निर्माण होता है वहां एक तालाब का निर्माण कर रही है। करीब 40 लाख रूपए की लागत से किसी महाकाल कंस्ट्रक्शन नामक ठेकेदार द्वारा यह निर्माण कार्य किया जा रहा है। जो निर्माण कार्य किया जा रहा है उसकी गु़णवत्ता पर तो सवाल ही है, लेकिन जिस स्थान पर तालाब बनाया जा रहा है, उसकी वजह से पावरग्रिड कंपनी की हाईटेंशन लाईन ही खतरे में आ गई है और यह अपने आप में एक बड़ा खतरा है। हाईटेंशन लाईन से सुरक्षा को लेकर जो नियम है उसको ताक पर रखकर यहां पर तालाब निर्माण किया जा रहा है। इस तालाब निर्माण को लेकर जब हाइटेंशन लाईन संबंधी सुरक्षा पर नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से पूछा गया तो उनका दावा था कि पावरग्रिड के अधिकारियों ने आकर मौका मुआयना किया था और उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। नपा के अधिकारियों के इस दावे और पावरग्रिड के अधिकािरयों के कथित निरीक्षण पर इसलिए प्रश्र चिन्ह लगता है कि तालाब जिस हाईट का बन रहा है और जितना उसमें जल भराव होगा उस आधार पर हाइटेंशन लाईन के लोहे के एंगल से बने कम से कम 10 फीट तक पानी में डूब जाएंगे। ऐसी स्थिति में इन टॉवरों का भविष्य क्या होगा यह बड़ा सवाल है। नपा के अधिकारी कहते है कि टॉवर के आसपास 10 फीट तक खुदाई नहीं होगी, लेकिन क्या फिर भी टॉवर पानी में नहीं डूबेंगे यह सबसे बड़ा सवाल है। अब सवाल यह है कि केवल 40 लाख रूपए खर्च करने के लिए तालाब का निर्माण किया जा रहा है।
- हाइटेंंशन के दोनों तरफ एक निश्चित दूरी तक नहीं कर सकते है निर्माण...
पावर ग्रिड के एक रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि हाईटेंशन लाईन की दोनों तरफ करीब-करीब 20 मीटर तक किसी भी तरह का कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है और यदि यह निर्माण किया जा रहा है तो पावर ग्रिड के अधिकारियों को एक्शन लेना चाहिए ?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 08 मार्च 2025