(बैतूल) अधिकारी फील्ड में जाकर निर्माण नहीं देखते ऑफिस में बैठकर ही उनका उद्देश्य हो जाता है पूरा ! , - नियम से जल निगम के जीएम और पीएचई के ईई को 10 फीसदी निर्माण का करना चाहिए निरीक्षण

बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिले में जल जीवन मिशन के कामों का भट्टा बैठ चुका है? यह बात इससे साबित होती है कि जिले के विधायक और जिला पंचायत के सदस्य आदि लगातार समीक्षा बैठक में अलग-अलग नलजल योजनाओं को लेकर वास्तविक स्थिति का खुलासा करते है? इन स्थितियों का खुलासा होने के बावजूद भी अधिकारी काम की गुणवत्ता और योजना के मूल उद्देश्य को पूरा करने पर फोकस नहीं करते? उनका फोकस ही कहीं और ही रहता है? यही कारण है कि ईई स्तर के अधिकारी को फील्ड विजिट करना चाहिए, लेकिन देखने में यह आता है कि अधिकारी अधिकांश समय कार्यालय में ए सी चेम्बर में बैठे हुए नजर आते है या समीक्षा बैठकों में ही शामिल होने को ही अपनी मूल जिम्मेदारी समझते है? अधिकारियों द्वारा नियम अनुसार निरीक्षण नहीं किए जाने का खुलासा जिला पंचायत सदस्य राजा ठाकुर ने जिला पंचायत की सामान्य बैठक के दौरान किया था। उनका कहना था कि पीएचई के पूर्व ईई सैकवार ने नियम अनुसार 10 फीसदी कामों का निरीक्षण नहीं किया है? उन्होंने कहा था कि अधिकारियों की टूर डायरी और आवंटित वाहन की लॉक बुक उपलब्ध कराने तक की मांग कर दी थी? उनका कहना था कि जिम्मेदार अधिकारी अपने पद के अनुसार कार्यस्थल का निरीक्षण नहीं कर रहे है, इसलिए घटिया काम हो रहा है? जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जाहिर की थी?
- पूर्व ईई हों या वर्तमान ईई सबका फोकस कुछ और...
जिला पंचायत सदस्य रामचरण इरपाचे का कहना है कि अधिकारियों का फोकस गुणवत्तायुक्त काम कराना नहीं रह गया है? पीएचई के पूर्व ईई हो या वर्तमान ईई इनका फोकस क्या रहता है यह सर्वविदित है? इसलिए अधिकारी ऑफिस में बैठकर अपने उद्देश्य पर ही ध्यान देते है फील्ड में नहीं जाते है! यही हालत जल निगम की है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 27 मार्च 2025