(बैतूल) अधूरी पड़ी है नलजल योजनाएं, जनप्रतिनिधि अधिकारियों को बार-बार करते हैं आगाह , - पीएचई और जल निगम के अफसर जल जीवन मिशन का भरपूर कर रहे दोहन

बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। पीएचई हो या जल निगम दोनों ही जिले में जल जीवन मिशन का बंटाढार करने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे है? अलग-अलग जिला पंचायत सदस्यों द्वारा अपने क्षेत्र की अलग-अलग नलजल योजनाएं बंद होने या अधूरे होने को लेकर बार-बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को आगह किया जाता है, लेकिन अधिकारी किंतु परंतु में उनकी बातों को उलझाते है। यह सब स्थिति इसलिए है कि अधिकारियों ने इसे आम जनता के हित के लिए योजना मानने की जगह अपने लिए दुधारू गाय समझ लिया है। इस स्थिति के कारण ही बैतूल जिले में नलजल योजना का सही लाभ नहीं मिल रहा है।
- केस स्टडी 01 - छिपन्या पिपरिया में अधूरी पड़ी है नलजल योजना...
जिला पंचायत सदस्य अनिता मर्सकोले ने बताया कि छिपन्या पिपरिया में नलजल योजना अधूरी पड़ी है ? पेयजल टंकी और पाईपलाईन में लीकेज की सस्या सामने आई थी।
- केस स्टडी 02 - ग्राम बेला में दो वर्ष से बंद पड़ी है नलजल योजना...
जिपं सदस्य सावित्री उईके ने बताया कि ग्राम पंचायत बेला में दो वर्ष से नल जल योजना बंद पड़ी है वे कई बार अवगत करा चुकी है? वहीं पाठाखेड़ा बन्नूढाना में काम प्रारंभ नहीं किया?
- केस स्टडी 03 - जामुलनी, आड़ाउमर, रामघाटी में बंद पड़ी है योजना...
जिपं सदस्य दुर्गाचरण सिंह का कहना है कि उनके क्षेत्र के जामुलनी, आड़ाउमर, डेडवाकुंड, रैयतवाड़ी और रामघाटी में नलजल योजना का कार्य बंद पड़ा है? कई बार बता चुके है।
- केस स्टडी 04 - नलजल योजना काम ही शुरू नहीं किया जा रहा...
जिपं सदस्य मंगल धुर्वे ने बताया कि रामपुरमाल के हाथीकुंड और खोखरारैयत के रामपुररैयत ग्राम में नलजल योजना का कार्य प्रारंभ नहीं किया जा रहा है? वे अवगत करा चुके है।
- बैठकों में दिए गए निर्देशों के बाद भी अधिकारियों के तरीके में बदलाव नहीं...
एक खास बात यह भी देखने में आ रही है कि विधायक हो या जिला पंचायत के सदस्य उनके साथ जो भी बैठकें होती है, उसमें जनप्रतिनिधियों के मामले उठाने पर जो निर्देश दिए जाते है, उसके अनुसार अधिकारी काम नहीं करते! स्थिति यथावत ही रहती है? यह बताता है कि अधिकारियों के रवैये में बदलाव नहीं आ रहा है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 30 मार्च 2025