(बैतूल) मटेरियल क्वालिटी भी गुणवत्ताहीन इसलिए नलजल योजना का भविष्य ही अंधकारमय , - आरोप... पीएचई और जल निगम ने जल जीवन मिशन का जिले में कर दिया है सत्यानाश
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिले में पीएचई द्वारा 547 नलजल योजना पूर्ण किया जाना बताया जा रहा है और जल निगम ने अब तक क्या किया इसका कोई भी अपडेट किसी भी समीक्षा बैठक या फोरम पर सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है? जिस तरह के मटेरियल का उपयोग नलजल योजना में किया गया है और उसकी जो क्वालिटी है उसे देखकर एक्सपर्ट का मानना है कि इन नलजल योजनाओं का कोई भविष्य नहीं है! साल दो साल में ही यह नलजल योजना दम तोडऩे लगेगी! पाईप उखडऩे और टूटने लगेेंगे? इसको लेकर आरोप भी लग रहे है। शनिवार को भीमपुर में कांग्रेसियों ने नलजल योजना में घटिया निर्माण को लेकर ज्ञापन भी दिया है? यह सब बताता है कि नलजल योजना में व्यापक स्तर पर उच्च स्तरीय जांच की जरूरत है? जिले के विधायकों की जिम्मेदारी है कि वे केवल समीक्षा बैठकों में सवाल खड़े नहीं करें बल्कि उच्च स्तर से एक जांच दल बुलवाकर जिले में नल जल योजनाओं की विस्तृत जांच करवाएं और इसमें मटेरियल क्वालिटी की भी विशेष तौर पर जांच होना चाहिए?
- घटिया मटेरियल के यह है उदाहरण...
1 - घटिया पाईप: नलजल योजना में जो पाईप इस्तेमाल किए जा रहे है वह घटिया है? इसका प्रमाण हथनापुर है, जहां पाईप लीकेज की शिकायत जिला पंचायत सदस्य ने की थी?
2 - सही रेसो में कांक्रीट नहीं : टंकी आदि के निर्माण में भी सही रेसो में कांक्रीट उपयोग नहीं किया जा रहा है, इसलिए टंकी लीकेज की शिकायतें आ रही है? जैसे छिपन्या पिपरिया में पेयजल टंकी लीकेज की शिकायत जिला पंचायत सदस्य अनिता मर्सकोले ने की है।
3 - टूट रहे स्टेण्ड पोस्ट : एक तो नलजल योजना में अनेक जगह पर स्टेण्ड पोस्ट ही नहीं लगाए गए और जहां लगाए गए है वहां पर अभी से टूटफूट रहे है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 31 मार्च 2025


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