(बैतूल) नलजल योजनाओं की स्थिति को लेकर सत्तापक्ष के विधायक भी असतुंष्ट

- मुलताई विधायक का दावा...
- अफसरों की कार्यप्रणाली की शिकायतें मिल रही हैं गैर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई नितांत जरूरी...
- आमला विधायक का दावा...
प्रभारी मंत्री की आगामी बैठक में नलजल योजना को लेकर हर बिंदु पर अधिकारियों से मांगेंगे जवाब...
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिले में जलजीवन मिशन के अंतर्गत पीएचई और जल निगम द्वारा जिस तरह से बंटाढार किया गया है वह किसी से दबा छिपा नहीं है। इस योजना में पलीता लगाने के कारण कार्यपालन यंत्री सैकवार को हटाया गया था, लेकिन उनकी जगह आए ईई की कार्यप्रणाली पर भी लगातार प्रश्रचिन्ह लग रहा हैं?इसके अलावा मैदानी स्तर पर मॉनीटरिंग करने वाले एसडीओ और इंजीनियर्स की भूमिका को लेकर भी लगातार आरोप लग रहे है! अब ऐसे में जिले के दो विधानसभा के विधायक खुलकर कह रहे है कि नलजल योजनाओं के कामकाज से वे संतुष्ट नहीं है तो बड़ा सवाल यह है कि पूरे जिले में नलजल योजनाओं की जांच करवाएंगे क्या?
- क्या माननीय राष्ट्रीय दिव्य दुनिया द्वारा पड़ताल मुहिम में उठाए गए इन सवालों का जवाब मांगेंगे...
1 - नलजल योजना में जो पाईप लाईन बिछाई जा रही है उसमें लीकेज क्यों हो रहा है? क्या घटिया पाईप लाईन का उपयोग किया गया है?
2 - बिछाई गई पाईप लाईन को लेकर नियम क्या है और उनकी क्वालिटी जांच का सिस्टम क्या है, पीएचई या जल निगम गांव में जो पाईप लाईन बिछा रही है उसकी क्वालिटी जांच कैसे करती है?
3 - टंकी निर्माण में जिस तरह के मटेरियल का उपयोग किया जाता है क्या उस कांक्रीट का क्यूब टेस्ट कराया जाता है? यदि कराया जाता है तो किस लैब से कराया जाता है? फिर क्या कारण है कि टंकियां भी लीकेज हो रही है?
4 - क्या कारण है कि पीएचई द्वारा कराए जाने वाले बोर सूख जाते है वर्तमान में करीब 98 बोर सूख गए है! ऐसी स्थिति में क्या बोर की गहराई और डाली गई केसिंग की जांच करवाई जाएगी?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 02 अप्रैल 2025