(बैतूल) दो महिला जिला पंचायत सदस्यों का कहना कि सामान्य सभा में सीईओ और अध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी हालात सुधरे नहीं , - नलजल योजनाओं को लेकर पीएचई और जल निगम के अधिकारियों की मनमानी के सामने सब बेबस
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। नलजल योजनाओं की जो स्थिति है उसको लेकर यदि जिला पंचायत सदस्य जैसे बड़े जनप्रतिनिधि भी समीक्षा बैठकों में या जिला पंचायत की सामान्य सभा में अधिकारिया को फीडबैक देते है या समस्या बताते है तो उस पर भी जिला पंचायत सीईओ और जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्देश के बावजूद भी कोई काम नहीं होता है। यह बात राष्ट्रीय दिव्य दुनिया से चर्चा के दौरान जिला पंचायत सदस्य सावित्री उईके और देवकी यादव ने अपने अनुभव के आधार पर बताई। उन्होंने अपने क्षेत्र के नलजल योजनाओं को लेकर अधिकारियों के रवैये पर नाखुशी जाहिर की है?
उन्होंने बताया कि 17 जनवरी को जिला पंचायत में आयोजित हुई सामान्य सभा की बैठक में उन्होंने जिन मुद्दों को उठाया था उस पर किसी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है? देवकी यादव ने बताया कि उनके क्षेत्र की ग्राम पंचायत लादी से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित ग्राम भांडावाड़ी में नलजल योजना से पेयजल की व्यवस्था किए जाने की बात रखी थी? इस पर कार्यपालन यंत्री पीएचई द्वारा बताया गया था कि भांडावाड़ी में योजना का रिवाईज स्टीमेट स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है, लेकिन तीन माह बाद भी स्थिति पहले जैसी ही है। जिला पंचायत सदस्य देवकी यादव ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही गांव गई थी और वहां हालात पहले जैसे ही है।
वहीं सावित्री उईके ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र के ग्राम बन्नूढाना में नलजल योजना शुरू करने और बेला में दो वर्ष से बंद नलजल योजना पुन: प्रारंभ करने की बात रखी थी, लेकिन दोनों में पीएचई के ईई और जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी कुछ नहीं हुआ?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 10 अप्रैल 2025


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