(बैतूल) जिन्होंने बैतूल के कन्यादान में 95 रूपए प्लेट का खाना खाया उन्हें भी अभी तक नहीं हो रहा हजम , - इसी मेन्यू का खाना 5 मई को पट्टन में 52 रूपए में और 25 अप्रैल को आमला में 65 रूपए में खिलाया गया
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल जनपद में हुए सामुहिक विवाह में भोजन का टेंडर किसी के भी गले नहीं उतर रहा है? जिन्होंने इस शादी में खाना खाया उन्हें यह बात हजम ही नहीं हो रही है कि यह खाना 95 रूपए प्लेट का हो सकता है! बैतूल जिले की जनपदों में अभी तक जहां-जहां भी सामुहिक विवाह हुए है वहां भी 95 रूपए प्लेट का टेंडर किसी ने भी पास नहीं किया। वहीं दूसरी ओर जो 18 हजार लोगों द्वारा भोजन बनाने का बिल प्रस्तुत होने वाला है यह भी किसी को हजम नहीं हो रहा है? जिन्होंने ने भी पूरा समारोह देखा है उनका कहना है कि यहां अधिकतम 10 हजार लोग हो सकते है। इससे ज्यादा कतई नहीं? बैतूल जनपद के बाद प्रभातपट्टन में भी रविवार 5 मई को शादियां हुई है, यहां पर 52 रूपए का रेट था। इसके पहले आमला में भी सामुहिक विवाह 25 अप्रैल को हुआ, यहां पर भी 65 रूपए का रेट था। यहां दोनों जगह वहीं सब आयटम खाने में दिए गए, जो बैतूल जनपद अंतर्गत दिए गए? कांग्रेस प्रवक्ता मोनू वाघ का कहना है कि जिन जनप्रतिनिधियों ने इस समारोह में 95 रूपए प्लेट का भोजन किया है वे अपनी अंतर आत्मा से बता दे कि यह खाना 95 रूपए प्लेट का था। क्या सांसद जिन भी कन्यादान समारोह में शामिल हुए और भोजन किया है तो वे यहां मिले आयटम और अन्य जगह मिले आयटम में कोई अंतर कर पा रहे है? यदि नहीं तो उन्हें जांच करानी चाहिए?
- टेंडर के इस खेल को समझना जरूरी...
1 - यहां पर एक टेंडर 165 रूपए का था और दूसरा 141 रूपए का था, जिसमें 165 वाले को स्वीकृत कर उसे 95 रूपए में आर्डर दे दिया गया! जबकि 141 रूपए वाला भी इससे कम में काम करने को तैयार था?
2 - यहां पर जो 50 लाख रूपए टर्नओवर की शर्त रखी गई, दूसरे ने भी तीन वर्ष का टर्नओवर 54 लाख रूपए दिया पर उसे एक वर्ष के टर्नओवर के आधार पर टेंडर देने से मना किया?
3 - जिसे टेंडर दिया गया उसका हलवाई का कोई ट्रेक रिकार्ड नहीं है! जिसका टेंडर अमान्य किया गया, उसका खानदानी काम यही है?
4 - जो समिति थी वह भी अमान्य किए जाने वाले के पक्ष में थी केवल जनपद सीईओ ने जिस फर्म को टेंडर दिया गया था उसके पक्ष में अपना अडिय़ल रवैया दिखाया?
- शहर के प्रसिद्ध हलवाई जेपी शर्मा का कहना कि बैतूल जनपद में जो खाना दिया वह अधिकतम 40 रूपए प्लेट का...
शहर के प्रसिद्ध हलवाई जेपी शर्मा का कहना है कि 95 रूपए में 18 हजार लोगों के लिए वे 2 सब्जी, दो तरह की पुड़ी, दो मीठा, दाल-चावल, नमकीन, सलाद, रायता और साथ में आम का पना भी देते। उनका कहना है कि जो कन्यादान में खिलाया वह 40 रूपए का खाना है। उसमें भी टेंडर लेने वाला कम से कम 10 रूपए प्लेट बचा सकता है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 07 मई 2025


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