(बैतूल) डीडीए बड़ोनिया खरीफ सीजन प्लान में रकबा तो बढ़ा रहे पर उत्पादकता नहीं, जिला प्रदेश में पीछे , - कृषि विभाग और उसकी कार्यप्रणाली पर यह उत्पादकता का अंतर करता है सवाल खड़े
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। कृषि विभाग हर सीजन में अपना प्लॉन पेश करता है। जिसमें हर बार बताया जाता है कि इस बार बोवनी का रकबा बढऩे वाला है, लेकिन कृषि विभाग ऐसा कोई आंकड़ा प्रस्तुत नहीं करता कि उत्पादकता कितनी थी और कितनी बढ़ेगी। हाल ही में खरीफ की फसलों को लेकर उत्पादकता के जो आंकड़े सामने आए है वह यह बताते है कि उत्पादता के मामले में बैतूल जिला प्रदेश में पीछे है और बैतूल जिले में खरीफ सीजन में जितनी भी फसलें ली जाती है सभी के मामले में पीछे है, अब ऐसा क्यों है इसको लेकर माईक्रो लेबल पर समीक्षा की जानेे की जरूरत है।
- क्या होती है फसलों की उत्पादकता...
फसलों की उत्पादकता एक महत्वपूर्ण माप है जो कृषि उत्पादन की दक्षता को दर्शाता है। उत्पादकता में सुधार करके, हम खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं, किसानों की आय बढ़ा सकते हैं और पर्यावरण पर कृषि के प्रभाव को कम कर सकते हैं. इसके लिए फसल कटाई प्रयोग किए जाते है।
- कैसे निकालते है उत्पादकता...
फसलों की उत्पादकता को आमतौर पर प्रति इकाई क्षेत्र में उत्पादित फसल की मात्रा (जैसे, टन प्रति हेक्टेयर) से मापा जाता है। इसके अतिरिक्त, उत्पादकता को इनपुट (जैसे, श्रम, उर्वरक, पानी) के सापेक्ष आउटपुट (फसल की मात्रा) के अनुपात के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 26 जून 2025


अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मॉक ड्रिल व स्वास्थ्य शिविर आयोजित
विकास की अद्भुत यात्राओं का अभिनंदन पर्व है, राज्य स्थापना दिवस : राज्यपाल पटेल
दतिया पुलिस द्वारा सोनागिर जैन मंदिर चोरी प्रकरण के त्वरित खुलासे पर जैन समाज ने डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा का किया सम्मान
भारत-इटली रक्षा सहयोग मजबूत, सैन्य हार्डवेयर निर्माण पर बनी सहमति
बंगाल में नतीजों से पहले सियासी घमासान, शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला