बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री ऑफिस कैम्पस में एक नया भवन अधूरी हालत में है! लंबे समय से इसका निर्माण कार्य बंद है, यह भवन को देेखकर ही समझ आ जाता है? इस भवन को लेकर पीडब्ल्यूडी में कोई भी जिम्मेदार अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं है! कोई यह बताने को तैयार नहीं है कि यह भवन है क्या और यह भवन अधूरा क्यों है? कोई इसे कम्प्यूनिटी हाल बता रहा है तो कोई इसे बैंडमिंटन हाल बता रहा है? अब सवाल यह आ रहा है कि इसका प्रस्ताव बजट आदि की प्रक्रिया कब कहां और कैसे हुई इसकी भी जानकारी किसी के पास नहीं है? करीब 8 हजार वर्गफुट में बने इस भवन में ऊपर लोहे के एंगल लगे है केवल टीन शेड डालने की जरूरत है? अभी वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पहले वर्तमान कार्यपालन यंत्री ने लोहे के एंगल पर डेटिंग, पेटिंग भी कराई है। अब सवाल यह है कि इस भवन को पूर्ण क्यों नहीं किया जा रहा है। जब इस संबंध में बैतूल में तैनात पदस्थ रहे इंजीनियर अखिलेश कवड़े से पूछा गया तो उनका कहना था कि यह भवन जनसहयोग से बन रहा था और यह एक सामुदायिक भवन है। अब सवाल यह है कि पीडब्ल्यूडी ऑफिस में ऐसे कौन से कार्यक्रम होते है जिसके लिए इतने बड़े सामुदायिक भवन की जरूरत पड़ गई है। वर्तमान में उपेक्षित हालत में पड़ा यह भवन जिज्ञासा और शोध का विषय हो सकता है। यदि जनसहयोग से भी बना है तो यह पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बना है। तो सवाल यह उठता है कि इसे और जनसहयोग लेकर पूरा क्यों नहीं कराया गया। वैसे वर्तमान में इस भवन के निर्माण को देखकर साफ नजर आता है कि इसमें कम से कम 50 लाख रूपए अब तक खर्च हो चुके है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 29 जुलाई 2025