(बैतूल)) कलेक्टर का थोड़ा सा फोकस क्या हटा, विभाग प्रमुखों ने जिले को डी ग्रेडिंग में ही पहुंचा दिया , - प्रदेश में जिला 51.06 फीसदी वेटेज स्कोर हासिल कर 21 वें पायदान पर ही अटक गया
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। हर माह सीएम हेल्पलाईन के निपटारे को लेकर रैकिंग की जाती है। यदि पिछले एक वर्ष का ट्रेक रिकार्ड खंगाले तो कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि बैतूल की ग्रेडिंग डी हो गई हो। इस बार बैतूल जिला डी ग्रेड में है। क्योंकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिला पंचायत नगरीय प्रशासन और पुलिस विभाग जैसे विभागों में अपने पूर्व के प्रदर्शन को बनाए नहीं रखा। इसलिए यह विभाग भी इस बार प्रदेश की रैकिंग में टॉप-10 में नहीं है। वहीं यह सभी भी डी ग्रेडिंग में है। ओवर ऑल जिले का प्रदर्शन देखा जाए तो जुलाई माह में प्राप्त शिकायतें 3314 है। इसमें से 2800 शिकायतें 50 दिन से अधिक की है। वहीं कुल 10 शिकायतों की संख्या 4494 है। बैतूल जिले में वेटेट स्कोर के आधार पर 51.06 फीसदी स्कोर हासिल कर डी ग्रेडिंग हासिल की है। इसका कारण यह बताया गया कि अधिक व्यस्तता के कारण कलेक्टर का सीएम हेल्पलाईन को लेकर फोकस थोड़ा सा हट गया था, इसलिए विभाग प्रमुखों ने भी सीएम हेल्पलाईन पर फोकस नहीं किया। जिले को 21 वें पायदान और डी ग्रेड में देखने के बाद कलेक्टर ने इस हफ्ते की टीएल से फिर सीएम हेल्पलाईन को लेकर तकाजा करना शुरू कर दिया है।
- 36 में से 16 विभाग की ग्रेडिंग-डी...
जिले में 36 विभाग है जो सीएम हेल्पलाईन की रैकिंग के दायरे में आते है। इसमें से सीधे पब्लिक कनेक्टीविटी वाले 16 विभाग ऐसे है जो कमजोर प्रदर्शन करने के कारण डी ग्रेड में है। वहीं 5 विभाग सी ग्रेड में है। तीन विभाग बी ग्रेड है और मात्र दो विभाग को ए ग्रेड मिला।
- इस तरह से वेटेज स्कोर तय होता है...
1 - 50 दिन से अधिक की शिकायतों की स्थिति देखी जाती है। इसमें 20 फीसदी अंक है।
2 - निम्र गुणवत्ता के आधार पर बंद शिकायतों में 10 अंक दिए जाते है।
3 - नॉट अटेंटेंड शिकायतों में भी 10 अंक दिए जाते है।
4 - संतुष्टि के साथ बंद होने वाली शिकायतों में कुल 60 अंक दिए जाते है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 30 जुलाई 2025


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