बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिला अस्पताल में पिछले लगभग दो वर्ष से एक प्रायवेट फर्म साईंस हाउस तमाम तरह की पैथालाजी जांच कर रही है और इसके लिए हर महीने लाखों रूपए का भुगतान किया जा रहा है। यहां पर तमाम पैथालाजी जांच के लिए साईंस हाउस अपने कर्मचारी और अपनी मशीनों का उपयोग रही है, लेकिन जो रिपोर्ट जारी की जाती है उसमें हस्ताक्षर जिला अस्पताल के एमडी पैथालाजिस्ट के हो रहे है? जिन शर्तो के तहत साईंस हाउस को जिला अस्पताल और पूरे जिले में पैथालाजी जांच करने संबंधित ठेका दिया गया था उसमें स्पष्ट था कि जो भी रिपोर्ट सामने आएगी, उसमें साईंस हाउस का ही एमडी पैथालाजिस्ट साईन करेगा।  बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में यह सब हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद सिविल सर्जन और सीएमएचओ चुप्पी साधे बैठे है! अब ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या साईन करने के लिए साईंस हाउस संबंधित एमडी पैथालाजिस्ट को कोई शुल्क देता है? यदि नहीं देता है तो संबंधित एमडी पैथालाजिस्ट को क्या जरूरत पड़ रही है कि वह साईंस हाउस की पैथालाजी जांच रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करे? क्योंकि उक्त एमडी पैथालाजिस्ट को वेतन संबंधित तमाम भुगतान सरकारी करती है। ऐसे में जो सरकारी पैथालाजी की रिपोर्ट है उसमें ही हस्ताक्षर करना चाहिए, यहाँ एमडी पैथालाजिस्ट की जिम्मेदारी सिर्फ इतनी है कि वह इस बात की निगरानी करें कि साईंस हाउस द्वारा जो भी जांचे की जा रही है वे सही तरीके से की जा रही है या नहीं? कुल मिलाकर देखा जाए तो जिला अस्पताल में साईंस हाउस को फलने-फूलने के लिए हर स्तर पर मदद की जा रही है और स्वाभाविक है कि जो सिस्टम है उसमें कोई भी मुफ्त में मदद नहीं करता? जिला अस्पताल में जो पैथालाजी जांच होती है उसको लेकर आरोप लगता है कि कई जांच बिना मतलब के ही करवाई जा रही है जिससे कि सांईस हाउस का ज्यादा से ज्यादा बिल बने?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 07 अगस्त 2025