बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। व्हाईट टॉप सडक़ निर्माण में तमाम तकनीकी मापदंड ताक पर रखे जा रहे है? मजेदार बात यह है कि पीडब्ल्यूडी की प्रभारी कार्यपालन यंत्री यह दावा करती है कि वे प्रापर निरीक्षण कर रही है, लेकिन उनके इस दावे की पोल इसी बात से खुल जाती है कि निर्माण स्थल पर तकनीकी सुपरविजन संबंधी जो भी दस्तावेज है वह मौजूद ही नहीं रहते,जबकि नियम से यह रिकार्ड निर्माण स्थल पर ही मौजूद रहना चाहिए। बताया गया कि निर्माण स्थल पर  प्रतिदिन साईट निरीक्षण रजिस्टर, क्यूब टेस्ट रजिस्टर, इंजीनियर के पर्ववेक्षण टीप का रिकार्ड, उपयोग किए जा रहे मटेरियल का स्टॉक रजिस्टर मौजूद रहना चाहिए? जो कि बिल्कुल भी मौजूद नहीं रहता? इसके अलावा निर्माण ठेकेदार ने जो रेस्ट हाउस में अपना प्लांट बनाया है वहां भी इस तरह का कोई रिकार्ड नहीं है? यह सब बताता है कि साईट इंचार्ज इंजीनियर गौर, एसडीओ परमार के साथ-साथ प्रभारी कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रही है? इसलिए सडक़ निर्माण में जो गुणवत्ता होनी चाहिए वह नहीं है? इसलिए सडक़ का भविष्य अभी से अंधकारमय नजर आ रहा है? लोगों का कहना है कि विधायक को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए, अन्यथा आने वाली बारिश में यह सडक़ भी टूटना और उखडऩा शुरू हो जाएगी और तब तक ठेकेदार अपना पैमेंट और अधिकारी कमीशन लेकर जा चुके होंगे।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 14 अगस्त 2025