बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित हॉस्टल की वास्तविक स्थितियां क्या है यह बहुत कम सामने आता है, लेकिन जो जानकार है उनका कहना है कि यहां कुछ भी सिस्टम से नहीं है और इसका बड़ा कारण है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कभी भी हॉस्टल में झाँक कर नहीं देखते कि वहां नियम अनुसार संचालन हो रहा है या नहीं? वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं को शासन के दिशा निर्देश अनुसार सुविधाएं मिल रही है या नहीं? हाल ही में एक घटना हुई जिससे इस बात की पोल खुलती है कि छात्रावासों में व्यवस्थाएं माकूल नहीं है और उनकी मॉनीटरिंग नहीं होती?
बताया गया कि जिला पंचायत के पीछे जो 8 अलग-अलग हॉस्टल है वहां पर कुछ में तो रात में वार्डन और गार्ड ही नहीं रहते! इस बात का खुलासा इससे हुआ कि सीनियर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में एक छात्रा बीमार हो गई और उसके साथ जो स्थितियां बनी है उससे साफ हो गया कि हॉस्टल में वार्डन और गार्ड रात में नहीं रहते है। बताया गया कि यहां पर कक्षा 9 वीं की एक छात्रा की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई। इसकी जानकारी उसके माता-पिता को मिली तो उन्होंने बैतूल में रहने वाले अपने रिश्तेदार को सूचना दी। उक्त रिश्तेदार रात 8 बजे हॉस्टल पहुंचा। उस समय वहां पर वार्डन सरिता माहुलकर मौजूद नहीं थी। उक्त रिश्तेदार ने फोन किया तो बताया गया कि हॉस्टल क्षेत्र में उनके पास आवास सुविधा नहीं है इसलिए वे शहर में कहीं निवास करती है। उक्त अधीक्षिका ने रिश्तेदार से कहा कि मैं आधे घंटे में आ रही हूं, लेकिन वह आधे घंटे में भी नहीं पहुंची। वहीं उक्त रिश्तेदार का कहना है कि गार्ड भी नहीं था। जिला पंचायत के पीछे इस कैम्पस में 8 अलग-अलग हॉस्टल है, जिसमें से तीन-चार के वार्डन वहां मौजूद नजर आए। बाकी कोई जानकारी उक्त रिश्तेदार के सामने नहीं आई। बताया गया कि वह रिश्तेदार छात्रा को लेकर डॉक्टर के यहां गया उसे इंजेक्शन लगा और दवाईयां दी गई। बताया गया कि उस छात्रा को लगातार उल्टियां हो रही थी। उस छात्रा ने फिर आवेदन भी लिखकर दिया है कि वह तबीयत खराब होने की वजह से घर जाना चाहती है। 

- इनका कहना...
जिले में छात्रावासों का संचालन नियम अनुसार नहीं हो रहा है। यह बात बार-बार सामने आती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ना तो औचक निरीक्षण करते है और ना ही व्यवस्था दुरूस्त करते है।
- जितेन्द्र सिंह इवने, आदिवासी युवा नेता ।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 17 अगस्त 2025