बैतूल(हेडलाइन)। भाजपा राज में अब सच बोलना गुनाह, जनता के हक की लड़ाई अपराध और लोकतंत्र की आवाज देशद्रोह करार दी जा रही है। बैतूल में कांग्रेस नेताओं पर दर्ज की गई एफआईआर ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता पक्ष दमन की राजनीति करते हुए विपक्ष को कुचलने पर आमादा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक निलय डागा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भाजपा सरकार ने पुलिस को अपना हथियार बना लिया है, ताकि जो भी हक की मांग करे उसे अपराधी बना कर सलाखों के पीछे धकेला जा सके।
श्री डागा ने कहा कि जनता के सवाल सत्ता के कानों को चुभने लगे हैं। स्वागत करना, झंडे लगाना सत्ता की आंख की किरकिरी बन गया है और  कारगिल चौक से कांग्रेस के झंडे हटवाकर और झंडा लगाने वालों पर एफआईआर दर्ज कराकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि अब उसे तिरंगे जैसे प्रतीकों से भी खतरा महसूस होने लगा है। जनता की आवाज़ को कुचलना, लोकतंत्र को चुप कराना और विपक्ष को अपराधी बताना अब सत्ता का नया चरित्र बन गया है।
श्री डागा ने कहा कि यह वही भारत है जहां आज़ादी के आंदोलन में लाठियां खाई जाती थीं, लेकिन सवाल पूछे जाते थे। पर अब भाजपा शासन में सवाल पूछना, विरोध करना और झंडा लगाना, सीधे अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है। जिस देश ने अंग्रेजों को भगाया, वहां अब झंडा लगाने पर एफआईआर हो रही है। और विरोध की आवाज़ को शासकीय कार्य में बाधा बताकर कुचला जा रहा है।
गौरतलब है कि नवनियुक्त कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में 18 अगस्त की शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैतूल कोतवाली थाने के सामने धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस कार्रवाई के खिलाफ था जिसमें भाजपा के पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष सतीष बड़ोनिया द्वारा कारगिल चौक से कांग्रेस झंडे हटाने के बाद उपजे विवाद में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन झंडे हटाने वाले भाजपा नेता पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कारगिल चौक पर झंडे लगाना निलय डागा के जिला अध्यक्ष बनने के बाद नगर में उनके प्रथम आगमन का स्वागत था। इस प्रतीकात्मक स्वागत को भी भाजपा ने बर्दाश्त नहीं किया। भाजपा नेता सतीष बड़ोनिया ने आपत्ति जताकर झंडे उतरवा दिए। इसी को लेकर सतीष बड़ोनिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया, पार्षद उमाशंकर दीवान के बीच कहासुनी हुई। पुलिस ने भाजपा नेता की शिकायत पर दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज कर दिया।
जब इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता थाने पहुंचे, तब करीब तीन घंटे चले शांतिपूर्ण धरने को भी शासकीय कार्य में बाधा मानते हुए थाना प्रभारी रविकांत डहेरिया की रिपोर्ट पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा, ब्लॉक अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया, जिला उपाध्यक्ष बब्बा राठौर समेत कई कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज कर लिया गया। श्री डागा ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई भाजपा के इशारे पर की गई 
निलय डागा ने कहा कि जब जनता के मुद्दों को उठाना गुनाह बन जाए, तो समझ लीजिए कि सत्ता में बैठे लोग लोकतंत्र से डरने लगे हैं। भाजपा को अब सच्चाई से डर लगने लगा है, इसलिए वह विपक्ष की आवाज़ को पुलिस, प्रशासन और मुकदमों की आड़ में दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस की नहीं, हर उस नागरिक की लड़ाई है, जो इस देश के संविधान, स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार में यकीन करता है। अगर आज हम चुप रह गए, तो कल आम आदमी का बोलना भी बंद कर दिया जाएगा।