(बैतूल) लोक सेवा में भी चाय-पानी की गारंटी , - लोक सेवा केन्द्र को लेकर आम लोगों का अनुभव प्रशसान को भी पता करना चाहिए
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। लोक सेवा केन्द्र इसलिए खोले गए है कि आम नागरिक को थोड़ा सा शुल्क देकर आसानी से सरकारी सेवाएं प्राप्त हो सके। इसके लिए सरकार ने तकरीबन आधा सैकड़ा सेवाएं चिन्हित भी कर दी? किस सेवा में कितना दिन लगेगा और उसके लिए कितना शुल्क देना पड़ेगा यह सब एक बोर्ड पर हर लोक सेवा केन्द्र पर लगा हुआ है। वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों का कहना है कि लोक सेवा केन्द्र में भी आसानी से काम नहीं होते। यहां भी चाय-पानी तो लगती ही है। कुछ सेवाएं ऐसी है जिसमें दूसरे दिन ही आम नागरिक को चाहा गया दस्तावेज मिल जाता है। जो व्यक्ति लगने वाले शुल्क के अलावा 100-50 रूपए अतिरिक्त खर्च कर देता है उसे तत्काल सेवा मिल जाती है अन्यथा उसे भी आजकल में झुलाया जाता है। सामान्य तौर पर आय प्रमाण पत्र, स्थाई प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं तत्काल मिल जाती है। लोक सेवा केन्द्र से एक दस्तावेज बनवाने गए एक नागरिक ने अपना अनुभव बताया कि कुछ समय पहले यही दस्तावेज जब उन्होंने बनवाया था तब उनसे सीधे 100 रूपए मांग लिए गए थे जो उन्होंने दे भी दिए तो उन्हें तत्काल दस्तावेज मिल गया। उन्होंने बताया कि उनके कामकाज में इस तरह का दस्तावेज हर बार लगता है। जब वे यही दस्तावेज दूसरी बार बनाने गए तो उनसे कहा गया कि सर्वर नहीं चल रहा है कल आना! इसके बाद दूसरे दिन गए तो कहा गया कि कल आना! यह रवैया देखकर उन्होंने कहा कि पिछले बार तो तत्काल बन गया था? तो जो ऑपरेटर वहां मौजूद था, उसने अपना ही ज्ञान दे दिया? वह जागरूक नागरिक तमाम स्थितियों को जानता समझता है, इसलिए उसने 100 रूपए निकाले और दे दिए तो उसका वह दस्तावेज तत्काल बन गया। बताया जाता है कि उक्त दस्तावेज बनाने के लिए मात्र 20-25 रूपए का शुल्क लगता है, लेकिन उस शुल्क के अलावा 100 रूपए भी ले लिए गए। यह सिर्फ एक मामला है। यदि प्रशासन अपना कोई मुखबिर दिन भर लोक सेवा गारंटी केन्द्र पर खड़ा कर दे तो उन्हें पता लगेगा कि छोटे-छोटे दस्तावेज बनवाने के लिए आम लोगों को 100-50 की चाय-पानी के चक्कर में किस तरह से तरास दिया जाता है? कैसे गुमराह किया जाता है? चूंकि लोक गारंटी सेवा को लेकर कभी भी किसी भी स्तर पर पड़ताल नहीं होती है और आम नागरिक भी सोचता है कि 100-50 रूपए देने से काम आसानी से हो जा रहा है इसलिए यहां के मामले खुलकर सामने नहीं आ पाते है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 29 अगस्त 2025


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