बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा।  सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के मामले में प्रशासन की कार्रवाई आगे पाठ और पीछे सपाट वाली रहती है। इसका कारण यह है कि प्रशासन एक बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो कर देता है, लेकिन फिर यह सुनिश्चित नहीं करता है कि उस जमीन पर दोबारा अतिक्रमण ना हो?  इस स्थिति को देखते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट ने भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत जिन प्रकरणों में कार्रवाई की जाती है, उनकी मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित किए जाने के आदेश दिए है। इस आदेश को लेकर प्रमुख सचिव राजस्व विभाग विवेक पोरवाल ने एक विस्तृत गाईड लाईन जारी की है। जिसमें धारा 248 के तहत 28 जुलाई 2025 के आदेश को ध्यान में रखकर कमिश्रर से लेकर पटवारी तक की जिम्मेदारी तय की गई है और यह सुनिश्चित किया गया है कि इस जिम्मेदारी का पालन निरंतर हो, जिससे कि अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा अतिक्रमण ना हो। 

- यह तय की गई अधिकारिया की जिम्मेदारी...
1 - सभी एसडीएम अपने अनुविभाग के अंतर्गत धारा 248 के पांच फीसदी निर्णय हो चुके प्रकरणों का निरीक्षण करेंगे। 
2 - कलेक्टर अपने क्षेत्र के अंतर्गत एक फीसदी ऐसे प्रकरणों का निरीक्षण करेंगे जिसमें धारा 248 में अतिक्रमण हटाया गया। 
3 - कमिश्रर अपने क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में 10 हेक्टेयर से अधिक  शासकीय भूमि एवं शहरी क्षेत्र में 1 हेक्टेयर से अधिक शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के प्रकरणों में फैसले के बाद माह में एक बार निरीक्षण अनिवार्य रूप से करेंगे। 
4 - राजस्व न्यायालयों द्वारा धारा 248 में आरसीएमएस के माध्यम से प्रकरणों में की जा रही कार्रवाई का भी निरीक्षण सभी अधिकारी नियमित रूप से करेंगें। 

- कलेक्टर को आरओ बैठक में समीक्षा कर करना है अनुशासनात्मक कार्रवाई...
प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल ने यह व्यवस्था भी दी है कि स्थानीय राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों द्वारा एवं मासिक निरीक्षण अनिवार्य किया जाता है। वहीं एसडीएम द्वारा भी प्रति सप्ताह और कलेक्टर द्वारा हर माह राजस्व अधिकारियों की बैठक ली जाती है। इस बैठक में राजस्व निरीक्षक और पटवारियों द्वारा किए गए निरीक्षण की समीक्षा होगी और लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर को उनके खिलाफ कार्रवाई करना सुनिश्चित करना है। 

- बनाई जाएगी निगरानी समिति...
सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के न्यायालयीन मामले में अभियोजन की निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें कलेक्टर एवं एसपी सहित जिला अभियोजन अधिकारी शामिल होंगे।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 30 अगस्त 2025