बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। शहर में 3 करोड़ की लागत से बन रही व्हाईट टॉप सडक़ पर लगातार सवाल उठ रहे है? इन सवालों का बिंदुवार जवाब देने की जगह पीडब्ल्यूडी की ईई प्रीति पटेल ने पीआरओ के माध्यम से एक बयान जारी कराया है! सोमवार को जारी इस बयान में उन्होंने दावा किया है कि उक्त सडक़ का निरीक्षण दिल्ली और इंदौर से आए एक्सपर्ट ने किया है और उनका कहना है कि काम क्वालिटी का है? वहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि कोर कटिंग रिपोर्ट में भी सडक़ की क्वालिटी बेहतर है? ईई के इन दावों पर बैतूल के कुछ तकनीकी विशेषज्ञों ने सवाल खड़े किए है, जिनका जवाब सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि पीडब्ल्यूडी ईई के दावे हकीकत है या हवाहवाई?

- इन सवालों का क्यों नहीं है बयान में जवाब...
सवाल 01...
- क्या कारण है कि सडक़ निर्माण से जुड़ी जानकारी देने वाला बोर्ड कहीं पर भी  पीडब्ल्यूडी ईई द्वारा ठेकेदार से नहीं लगवाया गया?

- सवाल 02...
जो कथित एक्सपर्ट दिल्ली और इंदौर से आए, वे कब आए और उन्होंने क्या निरीक्षण रजिस्टर पर अपना अभिमत लिखा है तो रजिस्टर कहां है?

- सवाल 03...
कोर कटिंग की गई वह कहां-कहां पर और कब की गई। थाना चौक से लल्ली चौक के मध्य कहीं पर भी कोर कटिंग का निशान क्यों नहीं दिखता?

- सवाल 04...
इस तरह की सडक़ में कितनी लंबाई पर कांस्ट्रक्शन ज्वाईंट और एक्सपेंशन ज्वाईंट होना चाहिए? क्या अभी तक निर्मित सडक़ में यह ज्वाईंट बनाए गए?

- सवाल 05...
ठेकेदार द्वारा जिस कांक्रीट का उपयोग किया जा रहा है क्या वह स्टीमेट के अनुसार रेसो का है या फिर उसमें कुछ अंतर है इसकी जांच कब हुई?

- सवाल 06...
लल्ली चौक से थाना चौक तक कांक्रीट वर्क के पहले सीआरएम डालकर काम्पेक्शन किया गया, लेकिन इसके बाद यह सब क्यों नहीं किया गया?

- सवाल 07...
क्या सडक़ की भारवाहक क्षमता के आधार पर सडक़ को डिजाईन किया गया? यदि हां तो बताया जाए कि यह डिजाईन किस पैरामीटर पर आधारित है?

- सवाल 08...
क्या कारण है कि सडक़ निर्माण का काम रात के अंधेरे में ही किया जाता है? और क्या उस समय पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और एसडीओ मौजूद रहते है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 09 सितम्बर 2025