(बैतूल) भलमनसाहत के लिए याद किए जाएंगे निश्चल झारिया पर नवागत कप्तान वीरेन्द्र जैन के लिए हैं कड़ी चुनौतियां , - पुलिस की कार्रवाई और उपलब्धि केवल प्रेस नोट तक सीमित ना रहे आम जनता को भी महसूस हो
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। करीब डेढ़ वर्ष बैतूल में बतौर कप्तान सेवाएं देने वाले आईपीएस निश्चल झारिया को उनके मानवीय स्वभाव और दयालुता के लिए हमेशा याद किया जाएगा, उन्होंने बतौर कप्तान जो बेहतर कर सकते थे वह करने का प्रयास किया, लेकिन बदलते समय के साथ बैतूल जिले में अपराध को लेकर कई गंभीर चुनौतियां है जो कुछ स्पष्ट और अस्पष्ट नजर आती है? अब उनकी जगह श्योपुर से तबादला होकर आ रहे आईपीएस वीरेन्द्र जैन के लिए यह चुनौतियां आसान नहीं होगी? बैतूल में जिस तरह से अपराध मानसिकता पैर पसार रही है यह बेहद खतरनाक है और इससे निपटने के लिए जबरदस्त टीम और शानदार प्लॉनिंग होना चाहिए? उम्मीद की जाती है कि आईपीएस वीरेन्द्र जैन बैतूल की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और उन्हें भी तबादले के बाद बैतूल के लोग एक अच्छे अधिकारी के रूप में याद करेंगे।
- यहां कठोरता की जरूरत : 01
जुएं-सट्टे जैसे अपराध पर सख्त नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम...
बैतूल जिले में जुंआ सट्टा एक तरह का स्वरोजगार बन गया है। हालत यह है कि जिला मुख्यालय पर ही जो सट्टे का सिंडीकेट काम करता है वह खास इलाके के बेरोजगार युवाओं को इसी धंधे से जोड़ रहा है और इनकी संख्या काफी ज्यादा है, वहीं इस तरह के धंधे वाले कहीं न कहीं राजनैतिक संरक्षण भी पाते है?
- यहां कठोरता की जरूरत: 02
पुलिस में अपराधीनुमा दलालों के नेटवर्क को खत्म किया जाए...
बैतूल जिले की पुलिस में पिछले कुछ वर्षो में मुखबिर तो बचे नहीं है, लेकिन उनकी जगह अपराधियों में अलग-अलग मुखौटा लगाकर अलग-अलग थानों में अपनी घुसपैठ बना ली है। इनका मूल काम अपराधियों को संरक्षण दिलवाना, पुलिस अधिकारियों के करीबी दिखना और अपराध में दलाली का खेल खुलकर खेलना है?
- यहां कठोरता की जरूरत: 03
केवल खास पुलिसकर्मियों से थानों को मुक्ति दिलाना चाहिए...
विभाग में पुलिसकर्मियों का एक बड़ा धड़ा केवल नौकरी जितनी नौकरी करना चाहता है और अपनी नौकरी बचाने में ही पूरी ताकत लगाकर रखता है, जबकि कुछ पुलिसकर्मी ऐसे है जो जिस थाने में रहते है वहां थाना प्रभारी के मुंह लगे होते है और उनके आसपास ही पूरे थाने की पुलिसिंग घूमती है? क्योंकि यह खास काम करते है।
- यहां कठोरता की जरूरत: 04
संगठित अपराध को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना और प्रयास...
बैतूल जिले में संगठित अपराध के रूप में चोरी की वारदातें बहुत ज्यादा होती है जिनमें से ज्यादातर का खुलासा ही नहीं होता है? वहीं दूसरी ओर जिले में गांजा और अन्य मादक पदार्थ की खपत और बिक्री बढ़ रही है? साथ ही गौवंश तस्करी का पूरा नेटवर्क काम करता है? इस पर नियंत्रण के लिए ठोस और मजबूत कदम की जरूरत है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 10 सितम्बर 2025


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