(बैतूल) जिन एमपीडब्ल्यू को जेडी के आदेश पर दिसम्बर में हटाया था उन्हें फिर अकाउटेंट की दी जिम्मेदारी..! , - स्वास्थ्य विभाग में शासन के आदेश निर्देश के खिलाफ सीएमएचओ कर रहे अटैचमेंट..?
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। अभी हाल ही में सीएमएचओ द्वारा संगणक को हटाकर उनकी जगह एमपीडब्ल्यू को अकाउटेंट का जो चार्ज दिया जा रहा है, उसमें नियम कायदों को पूरी तरह से ताक पर रखा गया है वहीं शासन के दिशा निर्देशों की खुली अवहेलना हो रही है? खास बात यह है कि तीन एमपीडब्ल्यू जिन्हें अकाउटेंट के लिए अटैच किया गया है, इन्हें दिसम्बर माह में जेडी के आदेश के बाद अकाउटेंट के चार्ज से मुक्त कर दिया गया था। वे दिसम्बर से लेकर अगस्त तक अपने मूल पद पर काम करने ही नहीं गए और इनका वेतन भी निकलता रहा? यदि इन्होंने अपने मूल पद पर अपना मूल काम किया है तो उसका नियम अनुसार रिकार्ड होगा, लेकिन ऐसा रिकार्ड में इनका कोई काम भी उल्लेखित नहीं है? बताया जा रहा है कि इनमें से दो एमपीडब्ल्यू वर्षो से अटैचमेंट में ही नौकरी करते आ रहे है और इसलिए इनका अकाउटेंट पद से मोह नहीं छूट रहा?
- अटैचमेंट कर तबादला नीति 2025 का भी सीएमएचओ कर रहे खुला उल्लंघन...
इस तरह के अटैचमेंट कर सीएमएचओ 2025 में जारी हुई मप्र शासन की तबादला नीति का भी खुला उल्लंघन कर रहे है? इसकी कंडिका 52 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि कर्मचारियों का अटैचमेंट नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद अभी हाल में सीएमएचओ ने किया है? अब सीएमएचओ ऐसा क्यों कर रहे है, जबकि उनके पास इसका विकल्प उपलब्ध है?
- सीएमएचओ का दावा : जेडी के आदेश पर किया अटैचमेंट...
जब इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े से पूछा गया तो उनका दावा था कि जेडी के निर्देश पर ही अनुभव वाले लोगों को वापस लाया गया है, क्योंकि हमारे पास अकाउटेंट नहीं है। यह एमपीडब्ल्यू अपने मूल काम के साथ अकाउटेंट का काम भी करेंगे।
- हकीकत : जेडी ने ही नवम्बर 2024 में हटाने के निर्देश दिए...
हकीकत यह है कि नवम्बर 2024 में ही जेडी ने इन्हें हटाए जाने के निर्देश दिए थे और दिसम्बर में इन्हें हटाया गया था। जेडी ने अपनी तरफ से कोई निर्देश नहीं दिए है सीएमएचओ ने मार्गदर्शन मांगा, जो संगणक भविष्य में अकाउटेंट बनेंगे तो उन्हें क्यों हटाया?
- यहां तो दाल में काला नहीं पूरी दाल ही है काली...
मलेरिया विभाग के एमपीडब्ल्यू परसराम कापसे सहित एमपीडब्ल्यू तुकाराम ठाकरे और वासुदेव उघड़े को अटैचमेंट कर अकाउटेंट का काम दिए जाने में स्वास्थ्य विभाग में ही कर्मचारी चाय पान की दुकान पर चर्चा कर रहे है कि दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल काली है और वर्तमान सीएमएचओ भी वहीं कर रहे है जो पहले होते आया है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 13 सितम्बर 2025


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