बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा।  जनजातीय कार्य विभाग में गजब ही तमाशा चल रहा है? यहां पर इस सत्र में दूसरा ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें जिले की टीम अगले स्टेज पर खेलने के लिए ही नहीं भेजी गई? जबकि जनजातीय कार्य में जो प्रदेश के क्रीड़ा प्रभारी है वे बैतूल के भी क्रीड़ा प्रभारी है, इसके बावजूद यह स्थिति है? लगातार दूसरी टीम के खेलने ना जाने के लिए केवल दो व्यक्ति को जिम्मेदार माना जा रहा है! एक है जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त विवेक पांडे और दूसरे है क्रीड़ा अधिकारी केके कहार?  इस तरह के मामले खुलने पर व्यवस्थाएं सुधारने की जगह सहायक आयुक्त इस बात के प्रयास में लगे है कि उनके विभाग में चल रहे गड़बड़झाले और इस तरह के घपले घोटाले के मामले सार्वजनिक ना हो और मीडिया के माध्यम से जिम्मेदारी तय ना हो, इसलिए उन्होंने व्यवस्थाएं सुधारने की जगह अपने विभाग के तमाम पीटीआई को बुधवार दोपहर में बुलाकर स्पष्ट कह दिया कि जो पोल खुल रही है इसमें उनका और क्रीड़ा अधिकारी कहार का कुछ भी नहीं बिगड़ेगा! उनके इस तेवर से समझ आता है कि जनजातीय कार्य विभाग के केन्द्रीय राज्य मंत्री डीडी उईके के गृह जिले में उनसे जुड़े विभाग के अधिकारी किस स्तर पर मनमानी कर रहे है?

- 19 वर्ष व्हॉलीवाल टीम मध्य क्षेत्र खेलने के लिए नर्मदापुरम के पथरौटा में नहीं भेजी गई, क्योंकि सहायक आयुक्त ने अनुमति जारी नहीं की...
बैतूल जिले में जनजातीय कार्य विभाग की 19 वर्षीय बालक-बालिका टीम मध्य क्षेत्र खेलने के लिए बैतूल जिले से मात्र 65 किलोमीटर दूर स्थित नर्मदापुरम जिले के पथरौटा जाना था। यह स्पर्धा 7 अक्टूबर को आयोजित थी, लेकिन सहायक आयुक्त ने किसी भी पीटीआई को टीम ले जाने के लिए अधिकृत नहीं किया और ना ही अनुमति जारी की। वहीं कोई जिला क्रीड़ा अधिकारी नहीं होने से भी अनुमति और बजट जारी नहीं हुआ? इसलिए टीम नहीं जा पाई, जबकि 5 अक्टूबर को आठनेर में जिला स्तरीय में टीम का चयन किया गया। 

- पीटीआई समझ नहीं पाए कि साहब धमका रहे है या सलाह दे रहे...
राष्ट्रीय दिव्य दुनिया में लगातार जनजातीय कार्य के क्रीड़ा विभाग को लेकर पोल खोलो अभियान चल रहा है। इसको देखते हुए बुधवार दोपहर 1 बजे सहायक आयुक्त ने तमाम पीटीआई की बैठक बुलाई और उन्हें कहा कि जिस तरह से मामले उजागर हो रहे है उससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने कहा कि जो भी ऐसा कर रहा है उसकी खोज की जा रही है? उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए दो-तीन लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया कि इस तरह के मामले उजागर होने से उनका और कहार का कुछ नहीं बिगडऩे वाला। 

- मंत्री के पीए ने भी सहायक आयुक्त को दी चेतावनी...
बताया गया कि पूरे मामले से अवगत कराने से केन्द्रीय राज्य मंत्री से संपर्क से किया गया, लेकिन वे पंजाब दौरे पर थे इसलिए संपर्क नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में उनके निज सहायक जित्तू रघुवंशी को वस्तुस्थिति बताई गई तो उन्होंने सहायक आयुक्त को कॉल कर कहा कि यह सब होना ठीक नहीं है।  इस पर सहायक आयुक्त ने बहाना बनाया कि कहार और पीटीआई के विवाद में यह सब हो रहा है। इस पर पीए ने कहा कि आप लोगों के फोन अटेंड करिए आपको जानकारी मिलेगी। यह अच्छी आदत नहीं है। यदि मंत्रीजी को पता लगेगा तो ठीक नहीं होगा। आपके खिलाफ कार्रवाई होगी। 

- इनका कहना.....
जिस तरह से टीम नहीं भेजी जा रही और खिलाडिय़ों के साथ अन्याय हो रहा है उसे देखते हुए जिले भर के खिलाडिय़ों को सडक़ पर उतरना चाहिए और ऐसे अधिकारियों को बर्खाश्त करने की मांग करना चाहिए। हम खेलों से जुड़े सभी लोग इस मामले में विरोध दर्ज कराएंगे।
पुनीत खण्डेलवाल, वरिष्ठ टेनिस खिलाड़ी, बैतूल ।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 09 अक्टूबर 2025