बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। खरीफ सीजन फसल में अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर राजस्व की रिपोर्ट के अनुसार तो 15 से 23 फीसदी तक ही नुकसान हुआ है? राजस्व विभाग की इस नेत्रांकन रिपोर्ट की वजह से बैतूल जिले की किसी भी तहसील में नुकसान का कोई मुआवजा या राहत राशि किसानों को नहीं मिल रही है? विभिन्न तहसीलों के तहसीलदारों द्वारा नुकसान को लेकर निरंक की रिपोर्ट दी गई है? इसी वजह से आरबीसी 6 (4) में मुआवजा ही नहीं बन रहा है। वहीं दूसरी ओर किसान ऐसे पंचनामे लेकर सामने आ रहे है, जिसमें पटवारी और ग्राम कोटवार द्वारा खेत में किए गए सर्वे में 60 फीसदी तक नुकसान बताया है। भैसदेही अनुविभाग के अंतर्गत मोजा बोरगांव के पटवारी हल्का नंबर 57 राजस्व निरीक्षक मंडल भेसदेही तहसील भैंसदेही के किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि पर जो सोयाबीन और मक्का की फसल बोई गई थी। वह पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। हालत यह है कि सोयाबीन तो एक एकड़ में 10 से 12 किलो ही निकल रही है? इस स्थिति में उन्हें शासन द्वारा राहत दी जाए जिससे कि वे रबी सीजन के लिए बोवनी कर सके? वहीं दूसरी ओर इन किसानों ने 29 सितम्बर को हल्का पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी, ग्राम कोटवार एवं पंचों की मौजूदगी में पटवारी हल्का नंबर 87 मौका कौड़ी में बनाए गए पंचनामा भी दिखाया, जिसमें माना गया कि उक्त खेत में करीब 60 फीसदी नुकसान हुआ है। यह नुकसान खसरा क्रमांक 9/4, 9/2, 9/9/ 11/6 में दिखाया गया है।
 जो किसान आए थे उन्होंने बताया कि उनकी मक्का की फसल कीट और बीमारी के कारण ग्रोथ नहीं कर पाई यह पंचनामे में लिखा है। यह पूरा क्षेत्र एक ही है, लेकिन इसके बावजूद भैसदेही तहसील में राजस्व अधिकारियों द्वारा फसल नुकसानी को लेकर अलग-अलग प्रतिशत में जो रिपोर्ट भेजी है उसमें नुकसान निरंक बताया है और इस स्थिति में किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं मिलेगी?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 30 अक्टूबर 2025