बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा।  पिछले कुछ माह से विभिन्न विभागों सहित जिले की ओवरआल रैकिंग बेहतर ना आने से कलेक्टर असंतुष्ट नजर आ रहे है? उन्होंने हाल ही में एक समीक्षा बैठक के दौरान जिले के सभी विभाग प्रमुखों को अल्टीमेटम दिया है कि 5 नवम्बर तक हर हाल में 80 फीसदी सीएम हेल्प लाईन का निपटारा हो जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि कलेक्टर अवकाश पर जाने वाले है, उसके पहले वे चाहते है कि इस माह की सीएम हेल्पलाईन रैकिंग के लिए अधिकारी अपनी पूरी ताकत लगा दे? कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा है कि वे किंतु परंतु नहीं सुनेेंगे, उन्हें 80 फीसदी से ज्यादा सीएम हेल्पलाईन का निपटारा हर हाल में चाहिए। इधर विभाग प्रमुखों का कहना है कि अन्य काम के अलावा सीएम हेल्पलाईन पर फोकस करना मुश्किल होता है, उनका कहना है कि जो सीएम हेल्पलाईन दर्ज कराते है, उन्हें संतुष्ट कर सीएम हेल्पलाईन बंद कराना सबसे मुश्किल काम होता है। खैर अधिकारियों ने अपने मैदानी अमले को समझा दिया है कि कुछ भी करो, लेकिन 80 फीसदी का निपटारा होना चाहिए। 
- सभी विभागों में तकरीबन साढ़े तीन हजार शिकायतें पेन्डिंग...
 जिले में लगभग 42 विभाग है, इन सबमें मिलाकर साढ़े तीन हजार शिकायतें एल-1, एल-2, एल-3 पर पेन्डिंग बताई जा रही है। इनमें से लगभग 2 हजार शिकायतें 50 दिन से अधिक पेन्डिंग है। 50 दिन वाली शिकायतों को लेकर कलेक्टर सबसे ज्यादा नाराज है। 
- समाधान नहीं होता शिकायतें बंद करवाई जाती है...
सीएम हेल्पलाईन को लेकर यह कहा जाता है कि समस्या का समाधान नहीं होता? बल्कि शिकायतकर्ता को जैसे-तैसे मैनेज कर मैदानी अमला शिकायतें बंद करवाता है। वहीं दूसरी ओर विभागों द्वारा भी अलग-अलग तरीके से शिकायतें बंद करवाई जाती है। 
- अपने आप शिकायतें बंद हो जाने का ट्रेंड बढ़ गया है...
कुछ माह से यह देखने में आ रहा है कि शिकायतें अपने आप बंद हो जाती है। शिकायकर्ता को पता भी नहीं चलता? पत्रकार आनंद सोनी ने बताया कि उन्होंने शराब के रेट को लेकर शिकायत की थी, उसका कोई समाधान सामने नहीं आया, लेकिन शिकायत अपने आप बंद हो गई।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 02 नवंबर 2025