(बैतूल) बैग रहित दिवस पर बच्चों ने रंगों से रची सृजनशील दुनिया , - फाइन आर्ट वर्कशॉप में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बैतूल के विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा । पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बैतूल प्रांगण में बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना के अनुरूप तीन और चार नवंबर को बेग रहित दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय के प्राचार्य आर. एन. पांडेय के निर्देशन में कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष गतिविधिया आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य केवल किताबों से परे बच्चों की आंतरिक प्रतिभा को पहचानकर निखारना था। इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल से फाइन आर्ट के छात्र तनुज शर्मा और राजकुमार विश्वकर्मा विशेष रूप से आमंत्रित किए गए, जिन्होंने अपने अनुभवों और कौशल के माध्यम से बच्चों को कला की बारीकियों से परिचित कराया।
भित्ति चित्रकला के माहिर इन कलाकारों ने विद्यार्थियों को वाल पेंटिंग, स्केचिंग, पोर्ट्रेट, म्यूरल, बॉटल आर्ट और क्लॉथ आर्ट जैसे महत्वपूर्ण कला रूपों की जानकारी दी और उनके क्रियान्वयन में मार्गदर्शन किया। कलाकारों ने बच्चों में फाइन आर्ट के प्रति विशेष रुचि जगाने का कार्य किया और उनकी कलात्मक क्षमताओं को प्रोत्साहित किया। कला शिक्षिका सीमा साहू ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कलाकारों से विद्यालय के लिए पेंटिंग निर्माण का अनुरोध भी किया।
- बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा दे शिक्षक...
कार्यक्रम में प्राचार्य आर. एन. पांडेय ने दोनों कलाकारों का सम्मान किया और उनके कला योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हर बच्चा जन्म से विशिष्ट प्रतिभा लेकर आता है। उन्होंने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि शिक्षक का कर्तव्य है कि वह बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा दे ताकि वह अपने जीवन में उच्च कोटि का कलाकार या व्यक्तित्व बन सके। उन्होंने यह भी कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान से किसी व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास संभव नहीं है, कला जीवन में नए रंग भरती है और कलाकार जीवन की आपाधापी से दूर खुशहाल और आत्मविश्वास से भरा रहता है।
- आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा विशेष योगदान...
इस आयोजन को सफल बनाने में प्रधान पाठक भारत धोटे, ए. आर. डांगे और जगदीश लोखंडे सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को जीवन और रचनात्मकता की वास्तविक दुनिया से जोड़ना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 04 नवंबर 2025


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