बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सरकारी सिस्टम में मेहनत करने वाली ईमानदार कर्मचारी और अधिकारी अक्सर इस बात को लेकर मायूस हो जाता है कि उनकी मेहनत का उन्हें प्रतिफल ही नहीं मिलता है? कोई और ही पूरा क्रेडिट खा जाता है? ऐसा ही कुछ स्वास्थ्य विभाग में देखने में आ रहा है। वर्ष 2019 से सिकलसेल को लेकर डॉ. जगदीश घोरे पूरी फिल्डिंग कर रहे है और उन्हीं की मेहनत है कि सिकलसेल की स्क्रीनिंग को लेकर गरीब आदिवासी तबके में भी जागरूकता आई है, लेकिन उनकी 5 वर्ष की मेहनत पर डॉ. अंकिता सीते का एक वर्ष का प्रचारित कार्यकाल भारी पड़ गया? अचानक सामने आया कि सिकलसेल में विशेष उपलब्धि के लिए सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े और डॉ. अंकिता सीते का सम्मान होगा।
 यह जानकारी जबसे सार्वजनिक हुई है तबसे सिकलसेल में काम करने वाला मैदानी अमला भी हैरत में है और बोल रहा है कि मेहनत करते मुर्गा और अंडा खाये फकीर! चूंकि सीएमएचओ डॉ हुरमाड़े को बैतूल आए ही तीन-चार माह हुए है और डॉ अंकित सीते को प्रभार लिए एक वर्ष ही हुआ है? इसके बावजूद सम्मान के मामले में वास्तविक मेहनत करने वाले डॉ. जगदीश घोरे को नजर अंदाज कर दिया गया। वैसे बैतूल में लोगों ने पिछली शिवराज सरकार के दौरान यह देखा है कि जब डॉ. अंकित सीते ब्लड बैंक की प्रभारी थी तब 26 जनवरी को उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया जाने वाला सम्मान उन्हें उस समय के प्रभारी मंत्री ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक जाकर दिया था। बताया जाता है कि उस समय स्वास्थ्य विभाग से उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित होने वाले कर्मचारी या अधिकारी की सूची में डॉ. अंकिता सीते का नाम नहीं था लेकिन उनका प्रभाव यह है कि सबने पुलिस ग्राउंड में मंत्री से सम्मान लिया था वहीं उन्हें सम्मानित करने मंत्री अस्पताल तक पहुंचे थे? खैर जो भी हो लेकिर बात से बात निकलती है और यहां तक भी आती है।
- सिकलसेल में डॉ मनोज हुरमाड़े और डॉ अंकिता सीते का होगा सम्मान...
 आज 15 नवंबर को राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस जबलपुर में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले और विकासखंडों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें बैतूल के सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े और कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. अंकिता सीते का सम्मान भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने 125 दिवसीय सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग एवं जागरूकता अभियान चलाया था। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 3 जिले और 2 जनजातीय बहुल विकासखंडों का चयन किया गया और उन्हें राज्य स्तर पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है। पहले स्थान पर बालाघाट, दूसरे स्थान पर बैतूल और तीसरे स्थान पर छिंदवाड़ा रहा। इस बड़ी उपलब्धि को लेकर सिकल सेल उन्मूलन कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. अंकिता सीते ने बताया कि शुक्रवार को सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े के साथ प्रभारी कलेक्टर अक्षत जैन से मुलाकात कर उन्हें इस उपलब्धि से अवगत कराया और जिला प्रशासन का अभियान में मिले सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया, इस मौके पर जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त विवेक पांडे भी मौजूद थे। डॉ. अंकिता सीते ने बताया कि 15 नवंबर शनिवार को जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और प्रदेश के मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 15 नवंबर 2025