बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बडोरा क्षेत्र में अवैध कालोनी के साथ-साथ प्लॉट खरीदने वालों के साथ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी ओमप्रकाश भोले और देवेन्द्र राजपूत खुले घूम रहे है! चूंकि पूरे मामले में सौदेबाजी करने में भोले सामने था इसलिए हर जगह उसकी के द्वारा किए जा ने वाले फर्जीवाड़े वाले की बात होती है, लेकिन जो जानकार है उनका कहना है कि भोले तो दिखाई देता है, लेकिन असली खिलाड़ी देवेन्द्र राजपूत है? यदि पुलिस इन दोनों को गिरफ्तार करे और इनके द्वारा और कहां-कहां पर इस तरह से कालोनाईजिंग की गई है यदि उसकी जानकारी ले तो इनकी और भी अवैध कालोनी तथा फर्जीवाड़े सामने आएंगे? माना जा रहा है कि यदि एसडीएम राजीव कहार को तबादले में एक सप्ताह का और समय मिल जाता तो निश्चित रूप से एक और एफआईआर इन दोनों के खिलाफ दर्ज हो चुकी होती।

 

- वर्तमान एसडीएम एसआईआर में व्यस्त इसलिए मिल रही मोहलत...

बताया गया कि वर्तमान में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जो एसआईआर की एक्सरसाईज हो रही है उसमें एसडीएम बैतूल विधानसभा क्षेत्र के नोडल है। इसलिए वे वर्तमान में बहुत ज्यादा व्यस्त चल रहे है। राजस्व के पेडिंग कामों को लेकर फोकस नहीं कर पा रहे है, इसलिए दूसरी एफआईआर को लेकर देवेन्द्र और भोले को मोहलत मिल रही है? जैसे ही एसडीएम एसआईआर से फ्री होंगे दोनों पर एफआईआर तय मानी जा रही।

 

- पीडि़ताों ने जनसुनवाई और एसपी ऑफिस में पूर्व में दिए थे आवेदन...

बताया गया कि प्लॉट कहीं दिखाया और रजिस्ट्री कहीं और की करा दी? जब खरीददार मौके पर पहुंचा तो उसे प्लॉट ही नही मिला? ऐसे ही आठनेर, पुसली के दो पीडि़तों ने करीब तीन-चार माह पहले कलेक्टर की जनसुनवाई सहित एसपी ऑफिस में बकायदा शिकायत दर्ज कराई थी? उक्त मामले में किसी तरह का कोई अपडेट दोनों शिकायतकर्ताओं को नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि वे जल्द ही बैतूल विधायक से भी आकर मिलने वाले है। 

 

- अन्य कालोनियों की हो रही खोज...

एसडीएम कार्यालय के आरआई राहुल इवने ने बताया कि ओमप्रकाश भोले और देवेन्द्र राजपूत की किन-किन पटवारी हल्कों में कौन-कौन सी कालोनियां है इसको लेकर भी पटवारियों से जानकारी मांगी गई है?

नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 18 नवंबर 2025