बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। शहर का सबसे बड़ा और ठीक नगरपालिका के सामने स्थित सन्मति सरोवर जिसे बड़ा तालाब भी कहा जाता है, अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है? यह तालाब हमारे पुरखों की धरोहर है जो जनसहयोग से बनाया गया था। वर्तमान में यह तालाब तीन तरफ से अतिक्रमण की चपेट में है और इस अतिक्रमण के कारण यह तालाब दलदल बन रहा है। इस तालाब में फव्वारा लगाने और बोट चलाने के नाम पर लाखों रूपए खर्च किए गए लेकिन परिणाम कुछ भी सामने नहीं आया। हर वर्ष गर्मी में जल संवर्धन को लेकर अभियान चलते है, लेकिन कोई भी अभियान इस सरोवर तक ना तो पहुंचता है और ना ही कोई इसकी सुध लेना पंसद करता है? हमारे पुरखों की यह धरोहर अब बर्बादी की कगार पर है, जबकि एक दौर में यह शहर के भू जल स्तर को बढ़ाने वाला सबसे बड़ा माध्यम था पर अब किसी को कोई लेना देना नहीं है। 

- विरासत की जानकारी देने वाला बोर्ड भी गायब...
एमजी काम्पलेस के मध्य में एक वेद मंदिर बना हुआ है। यहां पर इस तालाब की जानकारी देने वाला एक बोर्ड लगा हुआ था जो वर्तमान में नदारद है? इस बोर्ड पर जो जानकारी लिखी हुई थी उसकी जानकारी देते हुए कोठीबाजार निवासी लोकेश पगारिया ने बताया कि यह तालाब शहर के सेठ और माल गुजारों ने बनाया था। यह जनभागीदारी की मिसाल था। 

- बतौर कलेक्टर डीएस राय के बाद किसी ने भी इस तालाब की नहीं ली सुध ...
जब डीएस राय बैतूल कलेक्टर थे और कांग्रेस की सरकार थी, उस दौरान उन्होंने इस तालाब की सुध ली थी, गर्मी के सीजन में उन्होंने तालाब का गंदा और बदबूदार पानी बाहर कराकर तालाब खाली कराया, इसका उन्होंने गहरीकरण भी कराया था । इसके बाद उनकी प्लॉनिंग थी कि तीनों तरफ से घाट बनवाए जाएंगे, लेकिन उनकी प्लॉनिंग पर काम शुरू होता, लेकिन इसके पहले ही उनका बैतूल से तबादला हो गया। फिर किसी ने भी इस तालाब को लेकर कभी कोई प्रयास नहीं किया। 

- यह है वास्तविक स्थिति...
01. सरोवर की कांप्लेक्स के पीछे वाली पत्थर की सीढ़ी खुला शौचालय बन गई?
02. टिकारी रोड वाले घाट पर अतिक्रमण और पट्टे की वजह से दुकानें बन गई है, जिसका कचरा भी तालाब में डलता है? 
03. जिस तरफ संतोषी माता का मंदिर बना था, वह घाट भी अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है?

- एमजी काम्पलेक्स बनना तालाब की बदकिस्मती बना...
वर्ष 1986-87 में तालाब के नगरपालिका के सामने वाले घाट के ऊपर काम्पलेक्स बनाया गया, जब से यह काम्पलेक्स बनाया गया तब से इस तालाब की दुर्दशा शुरू हो गई? सीढिय़ा शौचालय बन गई है। तालाब में अब आसपास के अतिक्रमण का सीवेज का पानी भी जाकर मिल रहा है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 11 दिसंबर 2025