बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। वर्तमान में पूरा प्रशासनिक सिस्टम ई-ऑफिस प्रणाली पर आ रहा है जिसमें तमाम कामकाज ऑनलाईन होना है और इसके लिए पूरा सिस्टम बना हुआ है। कलेक्टर लगातार प्रयास कर रहे है कि इस मामले में बैतूल जिला अव्वल बने और उनके लगातार प्रयास का सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहा है। वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे अफसर है जो ई-ऑफिस प्रणाली से दूर है उसे अपनाने को लेकर रूचि नहीं दिखा पा रहे है? ऐसे अफसरों को लेकर कलेक्टर खासे नाराज है और इसलिए उन्होंने ऐसे अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। अब देखना यह है कि उक्त अधिकारी कलेक्टर के नोटिस के बाद ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर कितने गंभीर होते है और ई-ऑफिस सिस्टम से अपने आप को कब तक जोड़ते है। 

- इन अधिकारियों को दिए गए नोटिस...
जो जानकारी प्रशासनिक चर्चाओं से सामने आ रही है उसके अनुसार जिला श्रम अधिकारी धम्मदीप भगत, जिला आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम, उप संचालक सामाजिक न्याय रोशनी वर्मा, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी नरेन्द्र गौतम, जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द भूपेन्द्र वरकड़े, कार्यपालन अधिकारी, जिला अंताव्यवसायी सहकारी विकास मर्यादित नीरज मंडलेकर, प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख श्याम सिंह उईके शामिल है।

- आदेश की अवहेलना मानते हुए तीन दिन में मांगा जवाब...
जो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उसमें उक्त आधा दर्जन अधिकारियों के द्वारा ई-ऑफिस प्रणाली के अनुसार काम ना करने पर शासन के निर्देशों की अवहेलना एवं शासकीय कार्य में लापरवाही की श्रेणी में माना गया है? इसलिए इन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम 1 एवं मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियम 1965 के अंतर्गत इसे दंडनीय अपराध बताया गया है। 

- ईमेल के माध्यम से नहीं भेज रहे पत्र...
कलेक्टर ने 9 सितम्बर को औचक निरीक्षण के बाद यह पाया कि उक्त अधिकारी आवक-जावक नंबर डालकर पत्रों का आदान-प्रदान ईमेल के माध्यम से नहीं कर रहे है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 12 दिसंबर 2025